
बिलासपुर:शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देकर लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का बिलासपुर रेंज साइबर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर करोड़ों रुपये के साइबर अपराध से जुड़े अहम सुराग जुटाए हैं। आरोपियों के बैंक खातों का कनेक्शन देश के कई राज्यों में दर्ज साइबर फ्रॉड मामलों से सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, थाना सिविल लाइन क्षेत्र स्थित नर्मदा नगर कॉलोनी निवासी एक महिला को शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर अलग-अलग तिथियों में कुल 17 लाख 21 हजार 100 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी। पीड़िता की शिकायत के बाद रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन की जांच शुरू की, जिसके बाद ठगी गिरोह का खुलासा हुआ।
पुलिस ने मामले में मुकेश कुमार दास, केशव साव, संदीप कुमार चंद्रा उर्फ विक्की और शिशिर राठौर को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी संदीप कुमार चंद्रा के बैंक खाते के खिलाफ गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में पांच साइबर शिकायतें दर्ज हैं।
वहीं मुख्य आरोपी मुकेश कुमार दास के तीन बैंक खातों की जांच में कुल 13 साइबर फ्रॉड शिकायतें सामने आई हैं। इनमें इंडसइंड बैंक खाते में तीन, एक्सिस बैंक खाते में छह तथा इंडियन ओवरसीज बैंक खाते में चार शिकायतें दर्ज पाई गईं। इन खातों से जुड़े साइबर अपराधों में करीब आठ करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि का लेनदेन सामने आया है। जांच के दौरान यह भी पता चला कि मुकेश के खातों में साइबर ठगी से संबंधित लगभग 10 लाख रुपये जमा हुए थे।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपी केशव साव के बैंक खाते में करीब 99 लाख रुपये तथा आरोपी शिशिर राठौर के खाते में लगभग एक लाख रुपये होल्ड कराए हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी आपराधिक षड्यंत्र के तहत साइबर ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर कर रहे थे।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) से मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों के खातों के खिलाफ देश के कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होकर ऑनलाइन निवेश और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को निशाना बना रहा था।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, नोडल अधिकारी गगन कुमार एवं थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में साइबर टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
