11 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/कोनी
बिलासपुर:जिले की ग्रामीण महिलाएं अब पारंपरिक कार्यों की सीमाओं को तोड़ते हुए तकनीकी क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। कोनी स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में पहली बार महिलाओं के लिए शुरू किए गए इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता की नई रोशनी जगाई है।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आई 20 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी दक्षता प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

रतनपुर की बिहान समूह से जुड़ी आबिदा ने बताया कि पहले उन्हें लगता था कि बिजली से जुड़ा काम केवल पुरुष ही कर सकते हैं, लेकिन प्रशिक्षण के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। उन्होंने वायरिंग, स्विच बोर्ड सुधार, घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत और सुरक्षा उपायों की जानकारी हासिल की। अब वे न केवल अपने घर की बिजली संबंधी समस्याएं स्वयं हल कर रही हैं, बल्कि भविष्य में इसी कौशल के जरिए आय बढ़ाने की योजना भी बना रही हैं।
मस्तूरी क्षेत्र के डोमगांव की तिगमती डहरिया ने बताया कि वे पहले से एक निजी कंपनी में इलेक्ट्रिशियन का कार्य कर रही थीं, लेकिन इस प्रशिक्षण से उनके तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास में और वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा नियमों और सही तकनीक का पालन किया जाए तो यह कार्य महिलाओं के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित है।

प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान रहने और भोजन की बेहतर व्यवस्था की गई थी तथा अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा व्यवहारिक प्रशिक्षण देकर कार्य के हर पहलू की जानकारी दी गई। तकनीकी कौशल के साथ-साथ उन्हें आत्मविश्वास, कार्य अनुशासन और स्वरोजगार के अवसरों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा एसबीआई के सहयोग से ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इस वर्ष पहली बार महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण शुरू किया गया है, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
