11 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। डॉ. आंबेडकर परिनिर्वाण भूमि सम्मान कार्यक्रम समिति एवं नेशनल दलित महापंचायत के संयुक्त तत्वावधान में 10 जुलाई 2026 को स्व. लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम, बिलासपुर में प्रांतीय पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की प्रमुख उपस्थिति में अनुसूचित वर्गों की सामाजिक एवं राजनीतिक भागीदारी को लेकर विचार मंथन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सामाजिक अधिकार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक मजबूती पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का नेतृत्व माननीय अनिल खोब्रागड़े, सारंग राव हुमने, महेश चन्द्रिकापुरे, राजेश हुमने, प्रफुल्ल गेडाम एवं मनोज बौद्ध ने किया।

इस दौरान संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. इन्द्रेश गजभिये ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार के समक्ष रखी गई मांगों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि डॉ. बाबा साहब आंबेडकर परिनिर्वाण भूमि को संसद में कानून बनाकर महात्मा गांधी की समाधि राजघाट की तरह विशेष सम्मान का दर्जा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बाबा साहब के विचार केवल एक वर्ग के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक अधिकारों की नींव हैं। इसलिए परिनिर्वाण भूमि को राष्ट्रीय सम्मान देना देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं का सम्मान होगा।

कार्यक्रम में प्रांतीय अध्यक्ष अनिल खोब्रागड़े, महादेव कावरे, दिलीप वासनीकर, डॉ. कृष्णमूर्ति कामले, सुनील रामटेके, राजेश हुमने, गोपाल ऋषिकर भारती, नलिनी मेश्राम एवं अनिल गजभिये ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, दल्लीराजहरा एवं डोंगरगढ़ सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की सराहनीय उपस्थिति रही।
