11 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:शहर की चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था, जर्जर सड़कें, अव्यवस्थित विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश संरक्षक ने कहा कि “स्मार्ट सिटी” के नाम पर केवल निर्माण कार्य हुए, लेकिन जनता को सड़क, पार्किंग, ट्रैफिक नियंत्रण और मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया।

उन्होंने कहा कि बिलासपुर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगातार निर्माण कार्यों के कारण रोजाना लंबा जाम लग रहा है और आम लोग घंटों परेशान हो रहे हैं।

बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव के बावजूद सड़क चौड़ीकरण, वैकल्पिक मार्ग और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं पर गंभीरता से काम नहीं किया गया।

एनसीपी नेता ने ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि व्यवस्था सुधारने के बजाय अधिक जोर चालान कार्रवाई पर दिखाई देता है।

शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक सिग्नल और आईटीएम सिस्टम बंद या अनियमित हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है।

अरपा पार क्षेत्र बना अव्यवस्थित विकास की मिसाल
उन्होंने कहा कि मां माया चौक से मोपका चौक तक प्रतिदिन भारी जाम लग रहा है। अरपा पार क्षेत्र में ऊंची इमारतें और नए वार्ड तो विकसित कर दिए गए, लेकिन सड़क, नाली, पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन की समुचित योजना नहीं बनाई गई। अधूरी सड़कें, गड्ढे और निर्माण कार्य आम नागरिकों की परेशानी का कारण बन चुके हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव
एनसीपी नेता ने कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़कें आज भी अधूरी हैं। ग्रामीण खराब और कच्चे रास्तों से आवागमन करने को मजबूर हैं।

उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिले के अधिकांश स्कूल भवन जर्जर हैं। कई स्कूलों में बच्चों के बैठने तक की उचित व्यवस्था नहीं है। शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की हालत भी खराब है।
बरसात में कट जाते हैं गांव
उन्होंने बताया कि प्रतापपानी, बंगला भाटा, कुरदार और चिनडबरी जैसे क्षेत्रों में पुल-पुलियों की कमी के कारण बरसात में गांव मुख्य मार्गों से कट जाते हैं। कई इलाकों में आज तक मोबाइल टावर तक नहीं लगाए गए हैं।
नाबालिग चला रहे ऑटो और ई-रिक्शा
शहर में ऑटो और ई-रिक्शा संचालन को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में नाबालिग वाहन चलाते नजर आते हैं, जिनके पास न वैध लाइसेंस है और न ही यातायात नियमों की जानकारी। इससे बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
उन्होंने प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस से विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करने तथा यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
“बिलासपुर को चाहिए जमीनी विकास”
अंत में एनसीपी नेता ने कहा कि अब जनता केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर विकास चाहती है। जब तक प्रशासन और संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से नहीं निभाएंगे, तब तक बिलासपुर को व्यवस्थित और सुरक्षित शहर बनाना संभव नहीं होगा।
