03 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
छत्तीसगढ़ बिलासपुर/रायगढ़ विशेष…
रायगढ़, 03 मई 2026। गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन तलाश” के तहत रायगढ़ पुलिस ने अप्रैल माह में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कुल 251 गुम इंसानों को दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलाया, जिससे सैकड़ों परिवारों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है। इनमें 36 नाबालिग और 215 बालिग युवक-युवतियां शामिल हैं।
पुलिस ने नाबालिगों के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए न सिर्फ जिले के भीतर बल्कि अन्य जिलों और राज्यों तक पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित वापस लाया। दिल्ली, जालंधर (पंजाब), अंबिकापुर, डभरा और चंद्रपुर जैसे स्थानों से भी गुम बालक-बालिकाओं को सकुशल बरामद किया गया। जिन मामलों में बहला-फुसलाकर ले जाने या शोषण की पुष्टि हुई, उनमें आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान थाना लैलूंगा ने सबसे अधिक 42 गुम इंसानों को खोजने में सफलता हासिल की। इसके अलावा चक्रधरनगर (29), जूटमिल (27), पूंजीपथरा (24), कोतवाली और पुसौर (23-23) सहित अन्य थानों ने भी उल्लेखनीय कार्य किया। खास बात यह रही कि थाना भूपदेवपुर ने दर्ज सभी नाबालिगों को तलाश कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

उल्लेखनीय मामले
- जूटमिल थाना ने चंद्रपुर से गुम नाबालिग बालिका को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया, जिस पर शोषण का आरोप साबित हुआ।
- एक अन्य मामले में पुलिस टीम पंजाब के जालंधर पहुंचकर नाबालिग को सुरक्षित वापस लाई और आरोपी को जेल भेजा।
- पूंजीपथरा थाना ने अंबिकापुर से 15 वर्षीय बालिका को बरामद किया और आरोपी पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई की।
- कोतवाली पुलिस ने महज 24 घंटे में डभरा से 13 वर्षीय बालिका को खोज निकाला और आरोपी को गिरफ्तार किया।
एसएसपी का सख्त संदेश:वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि “नाबालिगों और महिलाओं की सुरक्षा रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाने या उनका शोषण करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अभिभावकों को भी बच्चों की गतिविधियों और सोशल संपर्कों पर नजर रखने की जरूरत है।”
इस पूरे अभियान का संचालन एसएसपी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डीएसपी और अन्य अधिकारियों की मॉनिटरिंग में किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
“ऑपरेशन तलाश” की यह सफलता न सिर्फ पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि समाज में सुरक्षा और भरोसे को भी मजबूत करती है।
