04 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/कोनी
बिलासपुर:जिले में पुलिस की सख्ती के दावों के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम करही में दो सगी बहनों ने अपने ही पति और जेठ पर दहेज के लिए जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है।

पीड़ित बहनें पायल लोनिया और अंजना लोनिया ने बताया कि उनका विवाह दो सगे भाइयों—देवीशरण लोनिया और दुखितराम लोनिया—से हुआ था। शादी के बाद से ही दोनों पर दहेज को लेकर लगातार दबाव और मारपीट की जाती रही।
समझौते के बाद फिर शुरू हुई प्रताड़ना:मारपीट से तंग आकर दोनों बहनें पहले मायके लौट आई थीं। 11 दिसंबर 2025 को दोनों पक्षों के बीच स्टाम्प पेपर पर लिखित समझौता हुआ, जिसमें आरोपियों ने भविष्य में दहेज के लिए प्रताड़ित नहीं करने और सम्मानपूर्वक रखने का वादा किया था। लेकिन यह वादा ज्यादा दिन नहीं टिक सका। ससुराल लौटने के बाद फिर विवाद शुरू हो गया।

तलवार और रॉड से बेरहमी से हमला:शनिवार को विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों भाइयों ने कथित तौर पर तलवार और लोहे की रॉड से बहनों पर हमला कर दिया। इस हमले में पायल और अंजना के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। घायल हालत में दोनों अपनी मां उर्मिला के साथ कोनी थाने पहुंचीं, लेकिन वहां उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
थाने पर लापरवाही के आरोप:पीड़िताओं का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को नजरअंदाज करते हुए आरोपियों को संरक्षण दिया। जबकि पहले हुए इकरारनामे में साफ लिखा था कि शर्तों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने दिए जांच के निर्देश:न्याय की उम्मीद में दोनों बहनें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के पास पहुंचीं। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
