04 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:छत्तीसगढ़ में सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। नेशनल सिकल सेल एनीमिया एलिमिनेशन मिशन के तहत चल रहे व्यापक अभियान ने अब तक उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, खासकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में इसका बड़ा असर देखने को मिला है।
अब तक की प्रगति:3 फरवरी 2026 तक प्रदेश में 1.70 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इस दौरान 3.38 लाख से ज्यादा लोग सिकल सेल वाहक (AS) के रूप में चिन्हित हुए हैं, जबकि 27,600 से अधिक मरीजों में सिकल सेल रोग (SS) की पुष्टि हुई है।
इसके साथ ही 1 करोड़ से अधिक जेनेटिक स्टेटस कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, जिससे विवाह पूर्व जोखिम की पहचान संभव हो रही है।
प्रमुख पहल:राज्य में सिकल सेल की पहचान और उपचार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
रायपुर स्थित पं. जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज और डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल की रिसर्च यूनिट ने सिकल सेल की जांच के लिए नई डायग्नोस्टिक किट विकसित की है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल चुकी है।
साथ ही, चिन्हित मरीजों को नि:शुल्क दवाएं, परामर्श और उपचार की सुविधा दी जा रही है। 0 से 40 वर्ष आयु वर्ग, विशेषकर आदिवासी समुदायों में बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया जा रहा है।
उपचार के विकल्प:सिकल सेल के इलाज के लिए वर्तमान में कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें हाइड्रॉक्सीयूरिया, वोक्सलोटोर, क्रिज़नलिज़ुमाब और एल-ग्लूटामाइन जैसी दवाएं शामिल हैं। गंभीर मामलों में ब्लड ट्रांसफ्यूजन और दर्द प्रबंधन भी किया जाता है।
उन्नत उपचार के तौर पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) को सबसे प्रभावी माना जा रहा है, वहीं जीन थेरेपी और जीन एडिटिंग पर भी शोध जारी है।
बिलासपुर में नि:शुल्क मेडिकल कैंप:सिकल सेल और थैलेसीमिया मरीजों के लिए बिलासपुर के उदय चिल्ड्रन हॉस्पिटल में विशेष मेडिकल कैंप आयोजित किया जा रहा है।
दिनांक: 6 मई 2026 (बुधवार),,⏰ समय: सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक
कैंप में मरीजों को मुफ्त जांच, परामर्श और HLA टेस्ट (₹12,000–₹15,000 मूल्य) की सुविधा मिलेगी। साथ ही, BMT विशेषज्ञ डॉ. गौरव खारिया द्वारा मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
संपर्क
अरुण: 8920860478
हॉस्पिटल: 8085812980 / 8826931012
सुशांत जादौन: 7428078150
हेल्पलाइन: 97133 35087
मह
त्वपूर्ण सूचना: पंजीकरण के लिए आधार कार्ड की कॉपी लाना अनिवार्य है और सुबह 9 बजे तक पहुंचना जरूरी है।
निष्कर्ष:छत्तीसगढ़ सरकार का यह अभियान केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को एक गंभीर बीमारी से बचाने का मजबूत प्रयास है। व्यापक जांच, मुफ्त इलाज और जागरूकता के जरिए राज्य 2047 तक सिकल सेल मुक्त बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
