02 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
बिलासपुर/रायगढ़/कापू विशेष
रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुम्हीचुआ में हुए सनसनीखेज अंधे हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। महज ₹5000 की उधारी को लेकर पनपी रंजिश ने एक युवक की जान ले ली। पुलिस ने मामले में आरोपी करमसाय नगेसिया (42 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 को देवव्रत तुरी (30 वर्ष) का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में संदिग्ध हालत में मिला था। सूचना पर कापू पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने और गले की हड्डी टूटने से मौत की पुष्टि हुई, जिसके बाद इसे हत्या का मामला मानते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना तेज की गई।

जांच में ऐसे खुला राज:घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। मृतक के शरीर पर गला दबाने और संघर्ष के स्पष्ट निशान मिले। तीन दिनों तक परिजनों, ग्रामीणों और संदिग्धों से पूछताछ के बाद पुलिस को मृतक और गांव के करमसाय नगेसिया के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर पुराने विवाद की जानकारी मिली।

संदेह के आधार पर करमसाय को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम:आरोपी ने बताया कि करीब 6 साल पहले उसने देवव्रत को ₹5000 उधार दिए थे, जिसे वह वापस नहीं कर रहा था। ब्याज बढ़ने और बार-बार मांगने के बावजूद पैसा न मिलने से उसके मन में गहरी रंजिश थी।
26 अप्रैल की रात करीब 11 बजे शादी समारोह से लौटते वक्त आरोपी ने देवव्रत को घर के पास देखा और गुस्से में उसका पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद उसने जमीन पर पटककर उसके मुंह और गले को जोर से दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने शव को घर के पीछे बाड़ी में फेंक दिया, ताकि हत्या को छिपाया जा सके।
पुलिस टीम की अहम भूमिका:इस पूरे मामले में एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी इगेश्वर यादव सहित पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई।
