02 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
बिलासपुर/रायगढ़ विशेष…..
रायगढ़:धरमजयगढ़ क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे के मामले में पुलिस जांच के दौरान साक्ष्य छुपाने का गंभीर मामला सामने आया है। मीडिया में प्रकाशित खबरों के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए SDOP धरमजयगढ़ को जांच के निर्देश दिए थे।

जांच में पाया गया कि 29 अप्रैल 2026 को मांड नदी के पास हुए हादसे में सहेसराम मांझी की मौत ट्रैक्टर की ट्रॉली गिरने से हुई थी। प्रारंभिक सूचना में बताया गया था कि ट्रैक्टर की धुलाई के दौरान हाइड्रोलिक पाइप फटने से यह दुर्घटना हुई।

पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां एक हरे रंग का ट्रैक्टर और लाल रंग की ट्रॉली मिली। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने उसी ट्रैक्टर से हादसा होना बताया। हालांकि, विस्तृत जांच में यह तथ्य सामने आया कि घटना में प्रयुक्त वास्तविक ट्रैक्टर को मौके से हटा दिया गया था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी चालक फुलजेंस मिंज (46 वर्ष), निवासी लक्ष्मीपुर, ने साक्ष्य छुपाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से घटना में शामिल लाल रंग के महिंद्रा ट्रैक्टर को हटाकर उसकी जगह दूसरा ट्रैक्टर खड़ा कर दिया था।

मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) (लापरवाही से मृत्यु कारित करना) और धारा 238 (साक्ष्य छुपाना) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत भी कार्रवाई की गई है। प्रकरण को विवेचना में लिया गया है।

SSP शशि मोहन सिंह ने कहा कि किसी भी घटना में साक्ष्य छुपाने या पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
