30 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर की पहल पर बिलासपुर में महिला सशक्तिकरण को लेकर दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक ओर जहां स्व सहायता समूह की महिलाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के लिए ‘यशोदा एआई’ प्रशिक्षण दिया गया, वहीं दूसरी ओर आयोजित जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़े 58 प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा कक्ष में आयोजित ‘यशोदा एआई’ प्रशिक्षण कार्यक्रम में सैकड़ों स्व सहायता समूह की महिलाएं शामिल हुईं। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती पूजा विधानी, एडिशनल एसपी सुश्री रश्मित कौर चावला, आयोग के डिप्टी डायरेक्टर श्री रामअवतार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इस दौरान अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने कहा कि अब तक 31 कार्यशालाओं के माध्यम से हजारों महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में महिलाओं का तकनीक से जुड़ना बेहद जरूरी है, जिससे वे अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को टैगलाइन, डिजाइन और डिजिटल मार्केटिंग की जानकारी दी जा रही है, जो उनके व्यवसाय को नई दिशा देगा।

कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें नए अवसरों के रास्ते खुलते नजर आ रहे हैं।
इसी क्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष की उपस्थिति में महिला जनसुनवाई का भी आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, कार्यस्थल उत्पीड़न, संपत्ति विवाद और साइबर अपराध सहित कुल 58 प्रकरण सामने आए।
अध्यक्ष श्रीमती रहाटकर ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही प्रकरणों को पुलिस विभाग, नवा बिहान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला थाना और सखी वन स्टॉप सेंटर को सौंपते हुए समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर मामले में संवेदनशीलता के साथ शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए, ताकि पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके।
