26 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
BIG BREAKING बिलासपुर,,,,,
बिलासपुर- नगर निगम एक बार फिर अव्यवस्था और लापरवाही को लेकर सुर्खियों में है। इस बार मामला सीधे-सीधे संपदा शाखा से महत्वपूर्ण फाइलों के गायब होने का सामने आया है, जिससे निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

दुर्ग से आए आवेदक प्रियांशु कुशवाहा की परेशानी
लीज नवीनीकरण के लिए 6-7 बार लगा चुके हैं चक्कर
4 बार नाम दर्ज कर चुके हैं पेशी में
हर बार अलग-अलग बहाने, अब कहा जा रहा—“फाइल ही गुम है”

कॉल कर बुलाया गया, फिर भी फाइल नहीं मिली
हताश होकर प्रियांशु ने तंज कसते हुए कहा— “अब लगता है काम करवाने के लिए बादाम लेकर आना पड़ेगा… तभी जिम्मेदार जागेंगे!”

दरअसल यह पूरा मामला नगर निगम मुख्यालय के थर्ड फ्लोर स्थित संपदा शाखा पिछले कुछ दिनों से विवादों में हाल ही में एक दलाल का बाबू की कुर्सी पर बैठकर फाइलें खंगालते फोटो
वायरल,,मीडिया में खबर आने के बाद अफसरों की अचानक एंट्री

मौके पर सिर्फ फाइलें उलटी-पलटी गईं, फिर लिस्टिंग का निर्देश देकर अफसर लौट गए,, सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर सब कुछ “ठीक” है, तो फाइलों की लिस्टिंग का आदेश क्यों? क्या दलालों की एंट्री से फाइलें गायब हुईं? जिम्मेदारी किसकी—और कार्रवाई कब? “बादाम कांड” की फिर चर्चा निगम के अंदर अब “बादाम” शब्द फिर चर्चा में है—संकेत साफ है कि बिना “कुछ खास” दिए काम होना मुश्किल बताया जा रहा है।
निगम की लापरवाही अब आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। फाइलों का गायब होना सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सिस्टम पर बड़ा सवाल है।
अब देखना होगा—जिम्मेदार जागते हैं या फिर “बादाम” ही बनेगा सिस्टम का इलाज?
