21 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/व्यापार विहार
बिलासपुर:माननीय बॉम्बे उच्च न्यायालय के सख्त निर्देशों के बाद बिलासपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में नकली और ब्रांड उल्लंघन करने वाले उत्पादों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। यह ऑपरेशन बौद्धिक संपदा (IP) विवाद से जुड़े एक कमर्शियल मामले में कोर्ट के आदेशों के पालन में अंजाम दिया गया।

मामले में बहुराष्ट्रीय कंपनी यूनिलीवर (प्लेंटिफ) ने आरोप लगाया था कि बाजार में उनके ब्रांड से मिलते-जुलते और नकली उत्पाद बेचे जा रहे हैं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने “कोर्ट रिसीवर” की नियुक्ति की और उनके सहयोग के लिए “अतिरिक्त विशेष रिसीवर” को अधिकार प्रदान किए।

कार्रवाई को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए पुलिस प्रशासन की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर को सुरक्षा हेतु आवेदन दिया गया, जिसके बाद संबंधित थाना क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल, जिसमें महिला पुलिस भी शामिल रही, तैनात किया गया। पूरी कार्रवाई पुलिस की निगरानी में विधिसम्मत तरीके से संपन्न हुई।

यहां हुई छापेमारी:टीम ने शहर के प्रमुख व्यापारिक ठिकानों पर दबिश दी। मुख्य कार्रवाई महादेव जनरल स्टोर्स (रवि मंगलानी) के गोदाम और उससे जुड़े परिसरों में की गई, जहां बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामान बरामद हुआ।

क्या-क्या हुआ जब्त? जांच के दौरान निम्नलिखित उत्पाद जब्त किए गए—
सर्फ एक्सेल (80 ग्राम पैक) – 5280 पीस
रेड लेबल चाय (1 किलो पैक) – 80 पीस

इन सभी वस्तुओं को प्रथम दृष्टया “ब्रांड उल्लंघन” और “संदिग्ध” मानते हुए कोर्ट के आदेशानुसार जब्त किया गया।

जब्ती के बाद की प्रक्रिया पूरी:जब्ती प्रक्रिया का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया और वस्तुओं को सूचीबद्ध (Annexure-B) किया गया। कार्रवाई के दौरान सभी पक्षों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई। जब्त सामग्री को फिलहाल प्लेंटिफ कंपनी को सुपुर्द कर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और नकली उत्पादों का कारोबार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से ऐसे कारोबारियों पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले रायगढ़ और अंबिकापुर में भी नकली सिगरेट व अन्य उत्पादों के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमार कार्रवाई की जा चुकी है, जिससे प्रदेशभर में अवैध व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
प्रमुख किरदार:अधिवक्ता हर्षवर्धन जोशी – अतिरिक्त विशेष रिसीवर
मोहन जोशी – अधिकृत अधिकारी
रवि मंगलानी – संबंधित व्यापारी (डिफेंडेंट)
यह पूरा ऑपरेशन न्यायालय, प्रशासन और पुलिस के समन्वय का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है, जहां कानून के पालन में सख्ती और तत्परता दोनों साफ दिखाई दी।
