06 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/शनिचरी बाजार
बिलासपुर:न्यायधानी बिलासपुर के ऐतिहासिक शनिचरी बाजार स्थित सब्जी मंडी में शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात भीषण आगजनी की घटना से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आकर करीब 14 से 15 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। आग में सबसे अधिक नुकसान आलू और प्याज कारोबारियों को हुआ है।

घटना के बाद प्रभावित व्यापारियों और स्थानीय दुकानदारों में भारी आक्रोश देखने को मिला। व्यापारियों ने इस हादसे के लिए विद्युत विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
शटर में दौड़ रहा था करंट, शिकायत के बावजूद नहीं हुई मरम्मत:दुकानदारों के अनुसार शुक्रवार रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच जब वे अपनी दुकानें बंद कर रहे थे, तब कई दुकानों के लोहे के शटर में करंट महसूस हुआ। इसकी सूचना तत्काल पास स्थित विद्युत विभाग कार्यालय को दी गई। शिकायत मिलने पर विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन तकनीकी खराबी को दूर करने के बजाय केवल बिजली आपूर्ति बंद कर वापस लौट गए।

व्यापारियों का आरोप है कि कर्मचारियों ने अगले दिन मरम्मत करने की बात कहकर मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका खामियाजा उन्हें भारी नुकसान के रूप में भुगतना पड़ा।
देर रात भड़की आग, मची अफरा-तफरी:प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात करीब 2 बजे अचानक उन्हीं दुकानों से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही देर में एक दर्जन से अधिक दुकानें आग की लपटों में घिर गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानों में रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया।
दमकल और पुलिस ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू:आग की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते कार्रवाई होने से आग को आसपास की अन्य दुकानों और बाजार क्षेत्र में फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
शॉर्ट सर्किट या लापरवाही? जांच के बाद होगा खुलासा:फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन व्यापारियों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामला गंभीर हो गया है। पुलिस और संबंधित विभागों ने जांच शुरू कर दी है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि विद्युत विभाग समय रहते तकनीकी खराबी दूर कर देता, तो शायद यह भीषण आगजनी टाली जा सकती थी। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस हादसे की असली वजह सामने लाएगी।
