20 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर, 19 अप्रैल 2026। जिले में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं ने व्यापक असर दिखाया है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिला है, वहीं बिलासपुर ने कई श्रेणियों में राज्य स्तर पर अग्रणी स्थान भी हासिल किया है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से 215 शिविरों का आयोजन कर 42,316 श्रमिकों का पंजीयन किया गया। साथ ही 16,861 श्रमिकों का नवीनीकरण भी कराया गया।

महिला श्रमिकों के लिए संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 5,296 महिलाओं को प्रसव सहायता के रूप में 20-20 हजार रुपये दिए गए, जिससे कुल 10.59 करोड़ रुपये का वितरण हुआ और जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला। वहीं मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 33,121 बच्चों को 6.43 करोड़ रुपये की सहायता दी गई, जिससे बिलासपुर को राज्य में पांचवां स्थान प्राप्त हुआ।
गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के तहत 14,757 विद्यार्थियों को लगभग 1.99 करोड़ रुपये वितरित किए गए। मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी सहायता योजना के तहत 283 छात्रों को 15.48 लाख रुपये की सहायता दी गई, जबकि निःशुल्क कोचिंग योजना के अंतर्गत 669 श्रमिकों और उनके बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई गई, जिसमें जिले को चौथा स्थान मिला।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत चयनित बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। खेल प्रोत्साहन योजना के तहत 28 प्रतिभाशाली बच्चों को 11.30 लाख रुपये की सहायता देकर जिले ने राज्य में पहला स्थान हासिल किया।
निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 370 मृतक श्रमिकों के परिजनों को 3.74 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। वहीं नौनिहाल सशक्तिकरण योजना के तहत 2,814 बेटियों को 5.62 करोड़ रुपये वितरित कर जिले ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 413 श्रमिकों को 82.60 लाख रुपये दिए गए। दीदी ई-रिक्शा योजना में 17 महिला श्रमिकों को 14.32 लाख रुपये का अनुदान मिला। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत 4.20 लाख से अधिक लोगों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया, जिससे जिले को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला।
इसके अलावा सायकल, सिलाई मशीन, औजार और सुरक्षा उपकरण सहायता योजनाओं के माध्यम से भी हजारों श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इन सभी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से बिलासपुर जिला श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में प्रदेश में एक मजबूत और प्रभावी मॉडल के रूप में उभरा है।
