17 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिस की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए बिलासपुर पुलिस ने बीट प्रणाली को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में एक विस्तृत बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के राजपत्रित अधिकारी, थाना/चौकी प्रभारी, बीट प्रभारी और बीट स्टाफ सहित 60 से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।

बैठक में एसएसपी ने बीट प्रणाली के महत्व और उसकी कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में होने वाली हर गतिविधि पर सतत निगरानी रखें। इसमें आपराधिक, सामाजिक, साम्प्रदायिक, राजनीतिक, छात्र और श्रमिक गतिविधियां शामिल हैं। साथ ही क्षेत्र में आने वाले नए लोगों पर भी विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए।
इन बिंदुओं पर दिया गया विशेष जोर:
बैठक के दौरान बीट ड्यूटी को प्रभावी बनाने के लिए कई अहम निर्देश दिए गए। पुलिस रेगुलेशन के अनुसार कार्य करने, गांवों में नियमित शिविर लगाकर सामुदायिक पुलिसिंग बढ़ाने, आम नागरिकों को साइबर फ्रॉड और नशे से बचाव के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।

बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को मिलेगा पुरस्कार
बैठक के दौरान बीट अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा भी की गई। उत्कृष्ट कार्य करने वाले आरक्षक दुर्गेश प्रजापति, सोनू पाल, विवेक राय, संजू जांगड़े, नितेश सिंह, सत्य कुमार पाटले, मनीष वाल्मीकि, शिव कुर्रे, पवन बंजारे, सज्जू अली, राहुल जगत, रंजीत खरे, देवेंद्र शर्मा, बोधुराम कुम्हार, विकास यादव, मिथलेश साहू, विनोद शास्त्री एवं प्रधान आरक्षक नवीन कुमार की सराहना की गई। इन्हें प्रोत्साहन स्वरूप नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई।
बैठक के अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा लंबित समंस और वारंट की तामील, स्थाई वारंटियों की तलाश, अवैध शराब बिक्री पर त्वरित कार्रवाई, निगरानीशुदा बदमाशों की नियमित चेकिंग और चोरी के मामलों में सक्रिय जांच के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधिकारियों को गांव और मोहल्लों में बैठक कर लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के लिए भी कहा गया।
