02 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रतनपुर
न्यायधानी बिलासपुर के रतनपुर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद ने ऐसा खौफनाक रूप ले लिया कि एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई, जबकि मासूम बच्चों समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और गम का माहौल है।

क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, सुरेश श्रीवास (उम्र 46 वर्ष), निवासी ग्राम पेंडरवा, थाना रतनपुर अपने दो बेटों के साथ गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे रतनपुर थाने पहुंचा। इसी दौरान एक वाहन में घायल लोग भी थाने पहुंचे और आरोप लगाया कि सुरेश श्रीवास एवं उसके बेटों ने उनके घर में घुसकर धारदार हथियार से हमला किया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल घायलों को अस्पताल भिजवाया और आरोपियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी।

विवाद की जड़
पीड़ित पक्ष के शेख शब्बीर (निवासी रतनपुर) ने बताया कि मुख्य आरोपी सुरेश श्रीवास अपनी पूर्व पत्नी को लेकर शेख सलीम (निवासी रतनपुर) पर अवैध संबंध का संदेह करता था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका था।
बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम आरोपी गुस्से में शेख सलीम के घर पहुंचा और विवाद इतना बढ़ गया कि उसने अपने बेटों के साथ मिलकर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

सबसे दर्दनाक पहलू
इस हमले में मुराद बेगम (उम्र लगभग 65 वर्ष), निवासी रतनपुर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, घर में मौजूद मासूम बच्चे और अन्य परिजन भी हमले की चपेट में आ गए।
घायल लोग (प्राथमिक जानकारी अनुसार)
शेख सलीम (40 वर्ष)
शेख शब्बीर (38 वर्ष)
रुखसाना बानो (35 वर्ष)
नाजिया खातून (30 वर्ष)
2 मासूम बच्चे (नाम सुरक्षित)
सभी घायलों को तत्काल बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

पहले भी मिल चुकी थी धमकी
पीड़ित परिवार के अनुसार, घटना के एक दिन पहले ही शेख सलीम की बहनें आरोपी को समझाने उसके घर गई थीं, लेकिन उसने बात नहीं मानी। इसके बाद महिलाओं ने थाने पहुंचकर मारपीट और जान से मारने की धमकी की शिकायत भी दर्ज कराई थी। पुलिस ने उन्हें अगले दिन आने को कहा था, लेकिन उससे पहले ही यह खौफनाक वारदात हो गई।
पुलिस कार्रवाई जारी
रतनपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी सुरेश श्रीवास और उसके दोनों बेटों को हिरासत में लेकर हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बड़ा सवाल?
अगर समय रहते शिकायत पर ठोस कार्रवाई होती, तो शायद एक बुजुर्ग महिला की जान बचाई जा सकती थी और मासूम बच्चों को इस खौफनाक मंजर का सामना नहीं करना पड़ता।
✍️ सीजी क्राइम रिपोर्टर
कुमार पोपटानी
