बिलासपुर। कोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत रतनपुर-बिलासपुर मार्ग स्थित गुड़ाखू फैक्ट्री के पास घायल मिले मासूम अयान खान के मामले में अब बड़ा अपडेट सामने आया है। मीडिया में खबर प्रसारित होने के बाद परिजन बच्चे तक पहुंच गए, वहीं घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले दो साहसी युवक भी सामने आए हैं। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, अयान खान की मां ने बताया कि अयान रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाता था। घटना वाले दिन भी वह सुबह घर से निकला, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। परिवार ने आसपास तलाश शुरू की, तभी मीडिया के जरिए पता चला कि एक घायल बच्चा अस्पताल में भर्ती है। इसके बाद परिजन तत्काल सिम्स अस्पताल पहुंचे, जहां अयान का इलाज चल रहा था। बच्चे के पैर, आंख के नीचे और होंठ पर गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की त्वरित चिकित्सा से उसकी जान बच गई।

अयान के पिता हसन खान ने बताया कि वे चाहते हैं कि उनके बेटे के साथ जो भी घटना हुई है, उसके जिम्मेदार लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
साहस की मिसाल बने दो सगे भाई
घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाने वाले दो सगे भाई —
सत्यप्रकाश श्रीवास और गोकुल श्रीवास — भी अब मीडिया के सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि वे मां महामाया देवी के दर्शन कर लौट रहे थे, तभी गुड़ाखू फैक्ट्री के पास भीड़ ने उन्हें रोका। वहां एक गंभीर रूप से घायल बच्चा पड़ा था, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई गई।

दोनों भाइयों ने बिना देर किए बच्चे को अपनी गाड़ी में बैठाकर सीधे सिम्स अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर सुरक्षा गार्ड की मदद से बच्चे को व्हीलचेयर में इमरजेंसी वार्ड तक ले जाया गया और तत्काल इलाज शुरू कराया गया। सत्यप्रकाश ने अपनी पूरी जानकारी अस्पताल स्टाफ को दी और कुछ देर तक उन लोगों का इंतजार भी किया जिन्होंने उन्हें बच्चे को ले जाने को कहा था, लेकिन कोई नहीं आया।

अगले दिन जब मीडिया में खबर चली कि घायल बच्चा अज्ञात है, तब दोनों भाई दोबारा अस्पताल पहुंचे और बच्चे के परिजनों से मुलाकात की। बच्चे की मां ने भावुक होकर दोनों का आभार व्यक्त किया।
हालांकि, बाद में कुछ खबरों में यह भी सामने आया कि घायल बच्चे को अस्पताल छोड़कर लोग फरार हो गए, जिस पर दोनों भाइयों ने सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने मानवता के नाते बच्चे की जान बचाई, अब जनता तय करे कि उनका कदम सही था या गलत?

पुलिस जांच में जुटी, जल्द होगा खुलासा
कोनी थाना प्रभारी भावेश सेंडे ने बताया कि सिम्स अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर पुलिस टीम को तुरंत जांच के लिए भेजा गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हर पहलू से जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह मामला सड़क हादसा है या इसके पीछे कोई और साजिश, इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा। फिलहाल पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की दिशा में कार्रवाई कर रही है।
दर्दनाक हादसा या कोई राज? जांच जारी
यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा है या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी है, यह पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल, एक ओर जहां मासूम की जिंदगी बचाने वाले युवकों की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है।
