19 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
महमंद (लालखदान) से बड़ी खबर
ग्राम पंचायत महमंद (लालखदान) में विकास कार्यों की आड़ में भ्रष्टाचार और शासकीय संपत्ति पर कब्जे का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां की वर्तमान सरपंच श्रीमती पूजा विक्की निर्मलकर पर अपने पद का दुरुपयोग कर सरकारी जमीन, नाले और मनरेगा राशि में भारी अनियमितता करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
🔴 शासकीय नाले पर कब्जा, अवैध निर्माण जारी
जानकारी के अनुसार खसरा नंबर 62 में स्थित करीब 20 फीट चौड़ा शासकीय नाला, जो वर्षों से किसानों की सिंचाई और बारिश के पानी की निकासी का मुख्य जरिया था, उसे पूरी तरह पाट दिया गया है। आरोप है कि सरपंच ने निजी लाभ के लिए इस नाले की जमीन पर कब्जा कर लिया और वहां पक्का मकान तक बनवाया जा रहा है।

💸मनरेगा में 4 लाख का बड़ा खेल
मामले को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि जिस नाले को पहले ही खत्म कर दिया गया है, उसी के नाम पर मनरेगा योजना के तहत 4 लाख रुपये की स्वीकृति ले ली गई। इसे सीधा-सीधा फर्जीवाड़ा और सरकारी राशि के दुरुपयोग के रूप में देखा जा रहा है।
⚠️ 1 एकड़ शासकीय भूमि पर भी कब्जे का आरोप
संतनगर वार्ड में करीब 1 एकड़ सरकारी जमीन पर भी बेजा कब्जा किए जाने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब सरपंच और उनके प्रतिनिधि की मिलीभगत से किया जा रहा है।

📢 ग्रामीणों की मांग: जांच हो, सरपंच बर्खास्त हो
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही एसडीएम या तहसीलदार स्तर की टीम बनाकर मौके का निरीक्षण किया जाए और कब्जा हटाने की कार्रवाई तुरंत की जाए।
🚨 FIR और बर्खास्तगी की मांग तेज
ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत सरपंच को पद से हटाने और शासकीय संपत्ति के गबन के मामले में FIR दर्ज करने की भी मांग उठाई है।
📎दस्तावेज और फोटो भी सौंपे गए
शिकायत के साथ कब्जा किए गए नाले और निर्माण स्थल के फोटो, खसरा नकल और मनरेगा स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज भी प्रशासन को सौंपे गए हैं।
✍️ सीजी क्राइम रिपोर्टर
