17 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
शहर के ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है। स्कूल प्रबंधन द्वारा छात्रों को अचानक दोबारा परीक्षा देने का निर्देश दिए जाने से अभिभावकों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। इस पूरे मामले को लेकर अभिभावकों में आक्रोश बढ़ गया और स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस को भी पहुंचना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार 16 मार्च की रात करीब 8 बजे अभिभावकों के मोबाइल पर स्कूल प्रबंधन की ओर से एक संदेश भेजा गया। इस संदेश में बताया गया कि 17 मार्च 2026 को सुबह 8 बजे गणित की परीक्षा छत्तीसगढ़ हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित की जाएगी, जिसमें छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई है।

अभिभावकों का कहना है कि ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की सीबीएसई पैटर्न के अनुसार वार्षिक परीक्षाएं लगभग एक सप्ताह पहले ही पूरी हो चुकी हैं और बच्चों को उनके प्राप्तांक व प्रतिशत की जानकारी भी दे दी गई है। ऐसे में अचानक दोबारा परीक्षा दिलाने का आदेश समझ से परे है।
अभिभावकों के मुताबिक जिस परीक्षा में बच्चों को शामिल होने के लिए कहा जा रहा है, वह छत्तीसगढ़ बोर्ड (सीजीबीएसई) से संबंधित बताई जा रही है, जबकि छात्रों की पढ़ाई पूरे साल सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार कराई गई है। इस कारण छात्रों के पास सीजीबीएसई पाठ्यक्रम की किताबें या अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अचानक नई परीक्षा में बैठाना बच्चों पर मानसिक दबाव डालने जैसा है।

कुछ अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा की जानकारी बहुत देर से दी गई, जिससे बच्चों को तैयारी का पर्याप्त समय भी नहीं मिल सका। इस अचानक लिए गए निर्णय से छात्र भी असमंजस और तनाव की स्थिति में हैं।
बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ हायर सेकेंडरी स्कूल को ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल का परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जहां छात्रों को परीक्षा देने के लिए बुलाया गया है। हालांकि इस निर्णय के पीछे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।

मामले की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी एस.आर. साहू अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंच गए। अभिभावकों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए आसपास के थानों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। सरकंडा, तारबहार और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने में जुट गए।
जब इस मामले में स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी लेने की कोशिश की गई तो किसी ने भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। अभिभावकों का कहना है कि यदि जल्द ही स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो वे शिक्षा विभाग से औपचारिक शिकायत करेंगे।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर अभिभावकों में भारी असंतोष और नाराज़गी का माहौल है।
(इस मामले में आगे की अपडेट मिलते ही खबर अपडेट की जाएगी…)
