13 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। सनातन संस्कृति, सामाजिक जागरूकता और समाज में सकारात्मक संदेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिलासपुर में सनातनी सिंधी समाज द्वारा एक भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज की लगभग 550 से अधिक मातृशक्ति को 36 मॉल में नि:शुल्क “केरल स्टोरी-2” फिल्म दिखाई गई। इस विशेष पहल को लेकर समाज की महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा आयोजन एक सांस्कृतिक जागरण के रूप में सामने आया।

कार्यक्रम की शुरुआत सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान श्री झूलेलाल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। इसके पश्चात उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर समाज की सुख-समृद्धि, एकता और कल्याण की कामना की। इस आध्यात्मिक वातावरण ने कार्यक्रम को और भी अधिक गरिमामय बना दिया।

इस आयोजन की शुरुआत सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष विनोद मेघानी, सेंट्रल सिंधी युवा विंग के अध्यक्ष रॉबिन वाधवानी, सेंट्रल युवा विंग के कार्यकारी अध्यक्ष पवन वाधवानी, युवा विंग के पदाधिकारी नवीन लालवानी,विजय वाधवानी, मनोज मनसुखानी सुनील आहूजा, जगदीश जज्ञासी तथा सेंट्रल सिंधी महिला विंग की पदाधिकारि में महिला विंग की गरिमा शाहनी एवं भारती सचदेव, प्राची भकतानी,नीतू खुशलानी,ज्योति पंजाबी,आरती मनवानी की उपस्थिति में हुई। सभी ने मिलकर समाज की एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत, सेंट्रल सिंधी युवा विंग तथा सेंट्रल सिंधी महिला विंग, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) का विशेष सहयोग और सक्रिय सहभागिता रही। समाज के कई वरिष्ठजनों और युवाओं ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अलावा वंदे मातरम मित्र मंडल के पदाधिकारियों का भी इस आयोजन में अहम योगदान रहा। मंडल की ओर से वन्देमातरम् मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र जैन संजीवनी हॉस्पिटल के डॉक्टर विनोद तिवारी, महामंत्री डॉक्टर जयसिंह चंदेल सहित कई सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्था और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस आयोजन का उद्देश्य समाज में जागरूकता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और सामाजिक एकता को मजबूत करना रहा। बड़ी संख्या में मातृशक्ति की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को एक सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रेरणादायी उत्सव का रूप दे दिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी सहयोगियों, समाज के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति का हृदय से आभार व्यक्त किया। समाज के वरिष्ठजनों ने इस पहल को सांस्कृतिक जागरण और सामाजिक एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
