01 मार्च 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रोत्साहित करने और उद्यमियों तथा बैंकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से रेजिंग एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) कार्यक्रम के तहत उद्योग–बैंकर संवाद कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला होटल सिटी में जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
कार्यक्रम का आयोजन जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा किया गया, जिसमें सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, छत्तीसगढ़ लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया, जिला उद्योग संघ के महासचिव शरद सक्सेना, सीजीएम सीएस टेकाम, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक दिनेश उरांव सहित विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के अधिकारी और बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।
समन्वय और समाधान पर रहा विशेष जोर
कार्यक्रम की शुरुआत में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उद्यमियों और बैंकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर शासकीय योजनाओं के अंतर्गत ऋण प्रकरणों का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है। इस दौरान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), पीएमएफएमई योजना, महिला उद्यमिता और अन्य एमएसएमई इकाइयों से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बैंकों में लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए पात्र आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और तत्परता से ही स्थानीय उद्योगों को नई गति मिल सकती है। साथ ही उद्योग विभाग और बैंकों के बीच नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।
योजनाओं की प्रगति और समस्याओं पर हुआ खुला संवाद
कार्यशाला में डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन द्वारा पीएमएफएमई योजना के आवेदकों को आ रही व्यावहारिक समस्याओं से अवगत कराया गया। उद्योग संघ के प्रतिनिधियों ने बैंक अधिकारियों के साथ संवाद को और मजबूत बनाने तथा नियमित संयुक्त बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। साथ ही खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के औद्योगिक भ्रमण का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे बैंक अधिकारी जमीनी स्तर पर इकाइयों की स्थिति और प्रगति को बेहतर ढंग से समझ सकें।
बैंक अधिकारियों ने पात्र और पूर्ण दस्तावेज वाले प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य महाप्रबंधक ने सभी अतिथियों, बैंक अधिकारियों और उद्यमियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के संवाद भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे उद्योगों के विकास और युवाओं के स्वरोजगार को नई दिशा मिल सके।
