28 फरवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/थाना तारबाहर
बिलासपुर। तारबाहर क्षेत्र में वर्ष 2023 में युवक पर हुए प्राणघातक हमले के मामले में जिला न्यायालय की एट्रोसिटी कोर्ट ने मुख्य आरोपी रितेश निखारे उर्फ मेडी सहित अन्य आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है।
अदालत ने रितेश उर्फ मेडी को 7 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया है, जबकि सह-आरोपी सिद्धार्थ शर्मा उर्फ छोटू समेत अन्य आरोपियों को भी विभिन्न धाराओं में दोषसिद्ध पाया गया है। यह फैसला अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनाया गया।
यह सनसनीखेज घटना 6 और 7 मई 2023 की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे तारबाहर थाना क्षेत्र स्थित हैवेंस पार्क होटल के पास हुई थी। पुरानी रंजिश के चलते आरोपी दो कार और तीन मोटरसाइकिल में सवार होकर 10 से 15 लोगों के समूह में मौके पर पहुंचे थे। आरोपियों ने युवक को गली में घेरकर धारदार हथियार, लोहे की रॉड और साइकिल चेन की रिंग से बनाए गए हथियार से ताबड़तोड़ हमला किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने युवक को दौड़ा-दौड़ाकर मारा और जमीन पर गिरने के बाद भी हमला जारी रखा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान फुटेज जब्त कर अदालत में प्रस्तुत किया, जिसने आरोपियों की पहचान और हमले की पुष्टि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लोहे की रॉड, धारदार हथियार और साइकिल चेन से तैयार विशेष हथियार भी बरामद किए थे।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड और पुरानी रंजिश
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी रितेश निखारे उर्फ मेडी के खिलाफ 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे, जबकि सिद्धार्थ शर्मा उर्फ छोटू के खिलाफ भी कई मामले दर्ज थे। घटना के पीछे पुरानी रंजिश और क्षेत्रीय वर्चस्व की प्रतिस्पर्धा को मुख्य कारण माना गया।
पुलिस कार्रवाई और अदालत की सख्त टिप्पणी
तारबाहर थाना पुलिस ने घायल के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी, मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी साक्ष्य के आधार पर हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत गवाहों के बयान, चिकित्सकीय प्रमाण, सीसीटीवी फुटेज और जब्त हथियारों को विश्वसनीय मानते हुए मुख्य आरोपी सहित अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया और सख्त सजा सुनाई।
इस फैसले को गंभीर अपराधों के खिलाफ न्याय व्यवस्था की सख्ती और प्रभावी पुलिस विवेचना का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
