02 फरवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर…..
न्यायधानी बिलासपुर
यूजीसी द्वारा प्रस्तावित अधिनियम 2026 के विरोध में सोमवार को बिलासपुर में स्वर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने एकजुट होकर शहर में रैली निकाली और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अधिनियम को निरस्त करने की मांग की।

रैली की शुरुआत देवकीनंदन चौक से हुई, जो प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टोरेट पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी अधिनियम को समाज और छात्रों के हितों के विरुद्ध बताते हुए इसे “भेदभावपूर्ण” करार दिया। रैली में शामिल लोगों का कहना था कि नया अधिनियम समान वर्ग के विद्यार्थियों के साथ अन्याय करता है और उनके संवैधानिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यूजीसी के वर्तमान नियमों में किए जा रहे बदलावों से शैक्षणिक वातावरण में असमानता पैदा होगी, जिससे विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा। समाज ने मांग की कि यूजीसी अधिनियम 2012 को यथावत रखा जाए और किसी भी नए कानून को लागू करने से पहले सभी वर्गों से विस्तृत चर्चा की जाए।

प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक इस अधिनियम को वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इस विरोध प्रदर्शन में ब्राह्मण समाज, अग्रवाल समाज, जैन समाज, सिंधी समाज, गुजराती समाज, राजपूत क्षत्रिय समाज, मारवाड़ी समाज सहित विभिन्न स्वर्ण समाजों की सक्रिय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में महिलाएं भी आंदोलन में शामिल हुईं, जिससे आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला।
स्वर्ण समाज के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शासन द्वारा उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। कलेक्टर कार्यालय में सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से समाज ने केंद्र सरकार से यूजीसी अधिनियम 2026 को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है।
