07 जनवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर….
कड़ार।
शासन द्वारा निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर किसानों से अवैध वसूली का गंभीर मामला कड़ार धान मंडी से सामने आया है। आरोप है कि धान की तौल में नियम अनुसार 40/700 की जगह 41/700 वजन लिया जा रहा है, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष रूप से नुकसान पहुंचाया जा रहा है। यह सब मंडी अध्यक्ष संजय दुबे और मंडी प्रबंधक विवेक शर्मा की मिलीभगत से किया जा रहा है।

कैमरे में कैद हुई चोरी, बौखलाए मंडी प्रबंधक
जब इस अनियमितता की जानकारी मिलने पर पत्रकार मंडी में कवरेज के लिए पहुंचे, तो तौल में की जा रही चोरी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। इसके बाद मंडी प्रबंधन बुरी तरह बौखला गया। आरोप है कि पहले पत्रकारों को रिश्वत देने की कोशिश की गई, और जब पत्रकारों ने साफ इनकार किया तो उनके साथ खुलेआम अभद्रता की गई।

सबूत मिटाने के लिए कैमरा छीना, क्षतिग्रस्त करने का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंडी प्रबंधक विवेक शर्मा और अध्यक्ष संजय दुबे ने सबूत मिटाने के इरादे से पत्रकारों के कैमरे छीनने की कोशिश की, इस दौरान कैमरे को नुकसान भी पहुंचा। यही नहीं, खुद को सत्ताधारी दल से जुड़ा बताते हुए दबंगई और गुंडागर्दी करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
सूक्ति के नाम पर किसानों से 1 किलो अतिरिक्त वसूली
गौरतलब है कि कुछ समय पहले मंडी कर्मचारियों ने धान उठाव को लेकर हड़ताल की थी, यह कहते हुए कि देरी से सूक्ति बढ़ रही है जिससे नुकसान हो रहा है। शासन ने उनकी मांग मानते हुए उठाव की प्रक्रिया तेज करवाई, फिर भी अब सवाल उठता है कि आखिर किस आधार पर किसानों से “सूक्ति” के नाम पर प्रति बोरा 1 किलो अतिरिक्त धान लिया जा रहा है?

मीडिया से दूरी, पहचान से इनकार
सूत्रों का कहना है कि जब भी मीडिया धान मंडी में कवरेज के लिए पहुंचती है, तो मंडी प्रबंधन और कर्मचारी या तो पत्रकारों को पहचानने से इनकार करते हैं या उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं, ताकि उनकी अनियमितताएं उजागर न हो सकें।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग
इस पूरे घटनाक्रम के बाद किसानों और पत्रकार संगठनों में रोष है। मांग की जा रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी मंडी अध्यक्ष, प्रबंधक और संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों के साथ हो रही लूट और मीडिया पर हो रहे हमलों पर रोक लग सके।
