06 जनवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर……
बिलासपुर:–
ठंडी हवाओं में काँपते नन्हें हाथ, सपनों से भरी आँखें और उन सपनों को संजोने की सामूहिक जिम्मेदारी—इसी भावना के साथ सहयोग फाउंडेशन एवं स्वयंसिद्धा फाउंडेशन द्वारा स्वेटर वितरण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। यह पहल केवल बच्चों को ठंड से बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य और शिक्षा के प्रति जागरूकता का भी संदेश देती है।
इस क्रम में आज शासकीय प्राथमिक शाला, तारबहार में स्वेटर वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ विद्यालय के 112 बच्चों को स्वेटर वितरित किए गए। स्वेटर पाकर बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और आँखों में भरोसे की चमक साफ दिखाई दी। यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि समाज की छोटी-छोटी पहलें बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

फाउंडेशन का उद्देश्य है कि अभिभावकों को यह एहसास कराया जाए कि शिक्षा ही वह रोशनी है जो उनके बच्चों के जीवन को अंधकार से बाहर निकाल सकती है। माता-पिता अपने सपनों को पीछे रखकर अपने बच्चों के भविष्य को संवारें—यही इस पहल का मूल संदेश है।
कार्यक्रम में श्री चंचल सलूजा, अध्यक्ष स्वयंसिद्धा फाउंडेशन, श्रीमती किरण सिंह (सहयोग फाउंडेशन), श्रीमती पूजा तिवारी, प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला तारबहार, शिक्षिकाएँ श्रीमती ईश्वरी अय्यर, श्रीमती माधुरी निर्मलकर, श्रीमती शिखा रॉबिन्स एवं श्रीमती राजिम खुटले विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
सहयोग एवं स्वयंसिद्धा फाउंडेशन ने अपील की कि समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आकर ऐसे कार्यों में सहभागिता करनी चाहिए, ताकि कोई बच्चा ठंड से न काँपे, कोई सपना गरीबी में न जमे और हर दिल में उम्मीद की गर्माहट बनी रहे। यह कार्यक्रम इंसानियत, सेवा और बेहतर कल के संकल्प का सशक्त उदाहरण बना।
