January 20, 2026
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17 दिसम्बर 2025

सीजी क्राइम रिपोर्टर ….…..

बिलासपुर:–छत्तीसगढ़ में न्यायिक अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बुधवार को जशपुर में परिवार न्यायालय भवन तथा दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा और सुकमा में न्यायाधीशों के आवासीय क्वार्टरों के निर्माण के लिए आभासी भूमि पूजन और शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास कर इन परियोजनाओं की औपचारिक शुरुआत की।

समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मजबूत और आधुनिक न्यायिक अवसंरचना, प्रभावी, सुलभ और जन-केंद्रित न्याय प्रणाली की रीढ़ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त न्यायालय परिसर और न्यायिक अधिकारियों के लिए सम्मानजनक आवासीय व्यवस्था न केवल न्यायिक कार्यों की दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाती है, बल्कि न्यायिक स्वतंत्रता व निष्पक्षता के लिए अनुकूल वातावरण भी सुनिश्चित करती है। मुख्य न्यायाधीश ने विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी बहुल जिलों में गुणवत्तापूर्ण न्यायिक अवसंरचना के विस्तार को न्याय तक समान पहुंच के संवैधानिक दायित्व की पूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश एवं सिविल जिला-जशपुर के पोर्टफोलियो न्यायाधीश न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल और सिविल जिला-दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के पोर्टफोलियो न्यायाधीश न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारी, संबंधित जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा न्यायालयों के कर्मचारी भी जुड़े।

कार्यक्रम की शुरुआत श्री राकेश बिहारी घोरे के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद जशपुर में प्रस्तावित परिवार न्यायालय भवन तथा दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा और सुकमा में न्यायाधीशों के आवासीय परियोजनाओं को दर्शाने वाली एक संक्षिप्त वीडियो प्रस्तुति प्रदर्शित की गई, जिसमें नियोजित भवनों की रूपरेखा और सुविधाओं का विवरण दिया गया।

समारोह का समापन दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संतोष कुमार आदित्य के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले माननीय न्यायाधीशों, अधिकारियों, अभियोजन एवं बार के सदस्यों और सभी संबंधित हितधारकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर ने राज्य में न्यायिक बुनियादी ढांचे के विकास और न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के प्रति छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की निरंतर प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।