भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र बेचने का आरोपी निकला होटल कारोबारी दीपक टंडन
420 का पुराना केस, कोयला फ्रॉड में गिरफ्तारी वारंट भी जारी
15 दिसम्बर 2025
सीजी क्राइम रिपोर्टर….
🚨ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨
राजधानी–रायपुर
दंतेवाड़ा में पदस्थ महिला डीएसपी कल्पना वर्मा पर गंभीर आरोप लगाकर सुर्खियों में आए होटल कारोबारी अंबेडकर उर्फ दीपक टंडन को लेकर चौंकाने वाले खुलासे लगातार सामने आ रहे हैं। जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार टंडन पर भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र बेचने, कोयला आपूर्ति के नाम पर करोड़ों की ठगी और धोखाधड़ी (धारा 420) जैसे गंभीर आरोप पहले से दर्ज हैं।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस थाना में टंडन के खिलाफ व्यापम द्वारा आयोजित राजस्व निरीक्षक (नगर निगम) भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर रुपए वसूलने का मामला दर्ज हुआ था। बीरगांव निवासी जितेंद्र देवांगन की शिकायत पर पुलिस ने 17 अप्रैल 2018 को एफआईआर दर्ज की थी। शिकायत में आरोप है कि टंडन ने प्रति अभ्यर्थी तीन लाख रुपए में प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिका देने का लालच दिया था।

एफआईआर के मुताबिक 13 अप्रैल 2018 की रात आरोपी ने फोन कर दावा किया कि उसके पास प्रश्नपत्र उपलब्ध है और एक लाख नकद व दो लाख चेक के रूप में लेने की शर्त रखी। 14 अप्रैल को शंकरनगर चौक पर मिलने बुलाया गया, लेकिन बार-बार बुलाने के बावजूद आरोपी टंडन मौके पर नहीं पहुंचा और बहाने बनाता रहा। पीड़ित के अनुसार उस दौरान टंडन को 5 हजार रुपए नकद भी दिए गए थे। बाद में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अन्य लोगों से भी इसी तरह पैसे वसूले।
इस मामले में एफआईआर के अगले ही महीने चालान भी पेश किया गया था, जिसमें इंदौर निवासी एक सहयोगी को भी आरोपी बनाया गया। वहीं हाल ही में कोरबा कोर्ट ने कोयला आपूर्ति के नाम पर 27 लाख रुपए की ठगी के मामले में दीपक टंडन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
इतना ही नहीं, सक्ती निवासी कोयला कारोबारी किशन शर्मा ने भी टंडन पर मार्च 2022 में कोयला कारोबार में काम दिलाने का झांसा देकर 15 लाख रुपए नकद लेने और वापस न करने का आरोप लगाया है। इस तरह रायपुर और कोरबा में फ्रॉड के दो मामलों में आरोपी टंडन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
इधर बीते एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर महिला डीएसपी और दीपक टंडन के कथित कारोबारी लेन-देन, 2 करोड़ रुपए नकद, लाखों की ज्वेलरी, महंगी कार वापस न करने जैसे आरोप वायरल हो रहे हैं। इन आरोपों और तस्वीरों के वायरल होने को लेकर डीएसपी ने कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है, हालांकि अब तक किसी ठोस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पूरा मामला फिलहाल छत्तीसगढ़ की राजनीति, प्रशासन और पुलिस महकमे में चर्चाओं के केंद्र में बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
