January 20, 2026
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28 नवम्बर 2025

सीजी क्राइम रिपोर्टर…….

बिलासपुर:–छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की माननीय अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत भवन बिलासपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित कुल 22 मामलों पर जनसुनवाई आयोजित की गई। यह प्रदेश स्तरीय 355वीं तथा बिलासपुर जिले की 22वीं सुनवाई रही।

सुनवाई के दौरान विभिन्न प्रकरणों में दोनों पक्षों को सुनकर आयोग ने महत्त्वपूर्ण निर्णय दिए। कई मामलों में पक्षकारों के बीच सुलह होने पर प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए, वहीं कई मामलों को आगे की जांच और कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों व सखी सेंटर को सौंपा गया।

आवेदिका को मिला 50 लाख रुपये वापस

सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि आयोग में शिकायत दर्ज कराने के बाद अनावेदक ने रERA से संबंधित 50 लाख रुपये की राशि वापस कर दी। आवेदिका ने धन वापसी की पुष्टि करते हुए आवेदन वापस लेने की इच्छा जताई, जिसके आधार पर आयोग ने प्रकरण नस्तीबद्ध कर दिया।

कई प्रकरणों में हुई सुलह

एक मामले में आंतरिक परिवाद समिति की कार्यवाही पर आपत्ति रखने वाली आवेदिका ने आयोग के समक्ष अनावेदक से माफी मांगने पर अपील वापस ली।

जिला खेल परिसर में महिला खिलाड़ियों को स्लॉट देने को लेकर हुए विवाद में निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद अनावेदक ने समय स्लॉट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिस पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

एक अन्य मामले में उच्चाधिकारी द्वारा कथित टिप्पणियों को लेकर विवाद था। आयोग के समक्ष अनावेदक ने खेद व्यक्त किया, जिसके बाद आवेदिका ने आगे की कार्यवाही से इंकार किया।

भरण-पोषण व पारिवारिक विवाद के मामलों में निर्देश

एक प्रकरण में लंबे समय से भरण-पोषण न मिलने की शिकायत पर आयोग ने सुलह हेतु 15 दिन का अंतिम अवसर प्रदान किया। सखी सेंटर की प्रशासिका को आदेश की प्रति दी गई है, जो निर्धारित अवधि में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

शिक्षण संस्था संबंधी विवाद

एक स्कूल में स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति होने के कारण पुराने विवाद को पराक्षेप योग्य मानते हुए दोनों पक्षों को निर्देश दिया गया कि वे अपनी शिकायतें अब नए प्राचार्य के समक्ष प्रस्तुत करें।

अन्य प्रकरणों पर कार्रवाई

महाराष्ट्र के जिला भंडारा निवासी एक अनावेदक को तिरोड़ा थाने के माध्यम से उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

एक मामले में आवेदिका को महिला थाना द्वारा निर्धारित तारीख पर शादी में दिए गए सामान की वापसी कराने हेतु आदेशित किया गया।

धोखाधड़ी के एक प्रकरण में आयोग ने आवेदिका को न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत करने व राशि वसूली हेतु दीवानी दावा दायर करने की सलाह दी।

आयोग की जनसुनवाई में कई महिलाओं को न्याय दिलाने, सुलह कराने और आगे की कार्रवाई के मार्ग प्रशस्त करने के साथ अनेक प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया गया।