10 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। सोशल मीडिया की मैट्रिमोनियल साइट पर पहचान बनाकर शादी का झांसा देने, दैहिक शोषण करने और नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर व नगदी हड़पने के मामले में तोरवा पुलिस ने फरार आरोपी को उसकी पत्नी सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बल्लभगढ़, हरियाणा से गिरफ्तार कर बिलासपुर लाया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार कोरबा निवासी पीड़िता ने 9 मार्च 2026 को थाना तोरवा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता की पहचान मैट्रिमोनियल साइट “शादी डॉट कॉम” के माध्यम से पामगढ़ निवासी पवन कुमार यादव से हुई थी। आरोप है कि पवन ने खुद को अविवाहित बताकर पीड़िता का विश्वास जीता और शादी का भरोसा देकर उसके साथ दैहिक शोषण किया।
इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को नौकरी लगवाने का झांसा दिया और इसी बहाने उससे नगदी तथा सोने-चांदी के जेवर हासिल कर लिए। ठगी गई संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 12 से 13 लाख रुपये बताई गई है।
घटना के बाद आरोपी फरार हो गया और अपनी पत्नी नवीता यादव के साथ लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा। तोरवा पुलिस ने आरोपी की तलाश में पामगढ़ और सरकंडा स्थित उसके ससुराल सहित कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी का मोबाइल बंद मिला और उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आरोपी के मोबाइल नंबर तथा विभिन्न बैंक खातों की जानकारी खंगाली।
जांच में आरोपी के अधिकांश बैंक खाते बंद मिले, लेकिन उसकी पत्नी नवीता यादव के बैंक खाते में लेन-देन जारी पाया गया। पुलिस ने खाते के लेन-देन की बारीकी से जांच की तो बल्लभगढ़, हरियाणा में राशि निकाले जाने का महत्वपूर्ण सुराग मिला।
इस सुराग के आधार पर तोरवा पुलिस की टीम दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र पहुंची। आरोपी द्वारा जिस च्वाइस सेंटर से राशि निकाली गई थी, वहां से मिले सुरागों और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए पुलिस टीम आखिरकार आरोपी दंपत्ति तक पहुंच गई।
तोरवा पुलिस ने पवन कुमार यादव (34) और उसकी पत्नी नवीता यादव (30), दोनों निवासी ग्राम डुडंगा, थाना पामगढ़, जिला जांजगीर-चांपा, को बल्लभगढ़, हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों को 9 अगस्त 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
सीजी क्राइम रिपोर्टर प्रधान संपादक
