07 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर के तोरवा स्थित रेलवे मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते के दाह संस्कार को लेकर शुक्रवार को विवाद खड़ा हो गया। सार्वजनिक मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते का इंसानों की तरह अंतिम संस्कार किए जाने की जानकारी सामने आते ही स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि मानव शवों के अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित मुक्तिधाम में कथित तौर पर पैसे लेकर पालतू पशुओं का दाह संस्कार कराया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह एक परिवार अपने पालतू कुत्ते के शव को लेकर मुक्तिधाम पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्ते को चिता पर रखकर धार्मिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया। इसकी जानकारी जैसे ही आसपास के लोगों को हुई, वे मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया।

मामले की सूचना मिलने पर वार्ड पार्षद मोती गंगवानी भी मुक्तिधाम पहुंचे। उन्होंने सार्वजनिक मुक्तिधाम का उपयोग केवल मानव शवों के अंतिम संस्कार के लिए किए जाने की बात कहते हुए आपत्ति जताई। इसके बाद पार्षद अपने समर्थकों के साथ तोरवा थाना पहुंचे और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस से मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया।

स्थानीय नागरिकों ने मुक्तिधाम के संचालन और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि मुक्तिधाम में उचित निगरानी और व्यवस्था है, तो वहां पशु का दाह संस्कार कैसे कराया गया? आखिर किसकी अनुमति से पालतू कुत्ते का अंतिम संस्कार सार्वजनिक मुक्तिधाम में किया गया? लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मुक्तिधाम की व्यवस्थाओं की समीक्षा और दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस मामले की जानकारी लेकर जांच में जुटी है। हालांकि, स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते का दाह संस्कार किन परिस्थितियों में और किसकी अनुमति से कराया गया।
सीजी क्राइम रिपोर्टर प्रधान संपादक
