बिलासपुर। नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी और तकनीक आधारित क्रियान्वयन में बिलासपुर पुलिस ने पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान स्थापित करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बिलासा गुड़ी में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि सीसीटीएनएस, मालखाना प्रबंधन और डीजी/आईजी डैशबोर्ड में बिलासपुर जिला पूरे छत्तीसगढ़ में नंबर-1 पर है। इसके साथ ही ई-साक्ष्य, ई-प्रोसिक्यूशन, मेडलीपर तथा न्यायालय निर्णय पत्रक जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल मॉड्यूल में भी जिला लगातार शीर्ष प्रदर्शन कर रहा है।
एसएसपी ने बताया कि 1 जुलाई 2024 से अब तक दर्ज 19,125 आपराधिक प्रकरणों में से 80.32 प्रतिशत मामलों में आरोप पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जो तेज, पारदर्शी और समयबद्ध विवेचना का प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि आधुनिक न्यायिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में ‘न्याय श्रुति’ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली का जिला न्यायालय और थाना सरकंडा के बीच सफल परीक्षण भी किया गया है। इससे गवाहों की डिजिटल उपस्थिति, त्वरित सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि बिलासपुर पुलिस डिजिटल तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और पारदर्शी पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हुए नवीन आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है। यही कारण है कि बिलासपुर आज डिजिटल पुलिसिंग और तकनीक आधारित अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल जिला बनकर उभरा है।
सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
