02 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर(कुमार पोपटानी की खास खबर)प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, इसका जीवंत उदाहरण नन्हीं खिलाड़ी आव्या अग्रवाल (पाखी) ने एक बार फिर पेश किया है। अपनी शानदार प्रतिभा, कड़ी मेहनत और अद्भुत खेल कौशल के दम पर आव्या ने सीबीएसई जोनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे बिलासपुर और अपने विद्यालय का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया।

एसईसी रेलवे क्रमांक-2 विद्यालय, बुधवारी बाजार की छात्रा आव्या अग्रवाल ने कम उम्र में जिस आत्मविश्वास और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया, उसने यह साबित कर दिया कि बुलंद हौसलों के आगे कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। प्रतियोगिता में उनके शानदार प्रदर्शन ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और उनकी इस उपलब्धि की हर ओर सराहना हो रही है।

आव्या, अंकुश एवं गीतांजलि अग्रवाल की सुपुत्री तथा संतोष एवं संध्या अग्रवाल की नातिन हैं। उनकी इस उपलब्धि के पीछे परिवार का निरंतर प्रोत्साहन और कोच श्री ए. फ्रैंकलिन का कुशल मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण रहा, जिन्होंने उनकी प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई।

आव्या की यह सफलता न केवल उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है, बल्कि जिले के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह मेहनत और समर्पण जारी रहा तो आने वाले वर्षों में आव्या राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का नाम रोशन कर सकती हैं।

कम उम्र में मिला यह कांस्य पदक केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि बड़े सपनों की शानदार शुरुआत है। पूरे बिलासपुर को अपनी इस नन्हीं चैंपियन पर गर्व है।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
