बिलासपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में सिम्स अस्पताल के आसपास बढ़ती यातायात और पार्किंग अव्यवस्था को दूर करने के लिए शनिवार को यातायात पुलिस, नगर निगम और सिम्स प्रबंधन की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में अस्पताल क्षेत्र को जाममुक्त, सुरक्षित और आपातकालीन सेवाओं के अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में रिवर व्यू रोड से सदर बाजार जाने वाले मुख्य मार्ग पर अनियोजित पार्किंग, सड़क किनारे ठेले-गुमटियों के अतिक्रमण, निजी एम्बुलेंसों की अव्यवस्थित पार्किंग और दुकानों के सामने वाहनों के खड़े होने से लगने वाले जाम पर गंभीर चिंता जताई गई। अधिकारियों ने माना कि इस स्थिति से गंभीर मरीजों, दुर्घटना पीड़ितों, गर्भवती महिलाओं और अन्य आपातकालीन मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है।
संयुक्त बैठक में अस्पताल क्षेत्र को बाधारहित बनाने के लिए पार्किंग स्थलों का चिन्हांकन, निजी एम्बुलेंसों के लिए अलग पार्किंग, नो-पार्किंग जोन तय करने, अतिक्रमण एवं अव्यवस्थित ठेले-गुमटियों के नियमन, यातायात संकेतक लगाने और नियमित निगरानी की कार्ययोजना पर सहमति बनी।
बैठक में सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह, यातायात डीएसपी शिवचरण सिंह परिहार, नगर पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे तथा नगर निगम के जोन कमिश्नर अंकुर पांडे मौजूद रहे।
अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स प्रदेश का प्रमुख शासकीय चिकित्सालय है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में गंभीर मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल के आसपास सुचारु यातायात और व्यवस्थित पार्किंग केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि मरीजों की जान बचाने से भी जुड़ा हुआ है।
वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। यदि एम्बुलेंस जाम में फंसती है तो उपचार शुरू होने में देरी हो सकती है। इसलिए वैज्ञानिक यातायात प्रबंधन और नियमित निगरानी से मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।
बैठक में सभी संबंधित विभागों ने जल्द संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से सुधारात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया, ताकि सिम्स के आसपास की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और जनहितैषी बनाया जा सके।
