11 जुलाई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के नागपुर से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मामले की जांच अभी भी जारी है।
पुलिस के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांतिनगर, मंगला चौक निवासी 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला को व्हाट्सएप संदेश और वीडियो कॉल के जरिए ठगों ने अपने जाल में फंसाया। आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए महिला को आतंकवादी संगठन से जुड़े होने और जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद करीब 2 घंटे 16 मिनट तक महिला को तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर मानसिक दबाव बनाया और अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹1.04 करोड़ ट्रांसफर करा लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने बैंकिंग ट्रेल, डिजिटल साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणों के आधार पर लगातार जांच की। पहले छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मिले नए साक्ष्यों के आधार पर नागपुर निवासी राहुल प्रकाश कामडी (38) और गौरव रमाकांत मिश्रा (27) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी, एनसीबी या न्यायालय किसी व्यक्ति को फोन या वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति सरकारी अधिकारी बनकर गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद या अन्य मामलों का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाता है, तो यह साइबर ठगी है। ऐसे मामलों में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें या www.cybercrime.gov.in� पर रिपोर्ट दर्ज कराएं तथा निकटतम पुलिस या साइबर थाना से संपर्क करें।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह एवं नोडल अधिकारी आईपीएस श्री गगन कुमार के निर्देशन में की गई। कार्रवाई में रेंज साइबर थाना के निरीक्षक कामिल हक, प्रभारी प्रसाद सिन्हा और थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
