08 जुलाई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर, 8 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं प्रभारी सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया ने बुधवार को जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से जुड़े 47 प्रकरणों की जनसुनवाई की। प्रदेश स्तर पर यह 411वीं और बिलासपुर जिले में 23वीं जनसुनवाई रही।
सुनवाई के दौरान एक गंभीर मामले में दो बेटियों ने आरोप लगाया कि उनके पिता ने उनकी मां को झूठे मादक पदार्थ प्रकरण में फंसाने की साजिश रची। बेटियों का कहना था कि पिता वर्षों से मेडिकल व्यवसाय से जुड़े हैं, परिवार से अलग रहते हैं और भरण-पोषण देने से बचने के लिए मेडिकल स्टोर का फर्जी बिक्री पत्र तैयार किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मां के खिलाफ दर्ज मादक पदार्थ मामले में साजिशन नशीली गोलियां रखवाई गईं, जिसके चलते उनकी मां पिछले छह माह से जेल में है।
मामले की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रश्मित कौर चावला ने संबंधित एफआईआर की जानकारी आयोग को उपलब्ध कराई। आयोग ने थाना सरकंडा को निर्देश दिए कि जब्त की गई दवाओं की दोबारा जांच कराई जाए, उनकी खरीदी-बिक्री की पूरी श्रृंखला का सत्यापन किया जाए तथा यह पता लगाया जाए कि दवाओं का श्रीराम मेडिकल स्टोर से कोई संबंध है या नहीं। आयोग ने निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
एक अन्य मामले में अतिथि व्याख्याता रहे दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद में समझाइश के बाद मामला समाप्त किया गया। वहीं दो सहायक शिक्षकों के बीच लगातार शिकायतों को देखते हुए आयोग ने दोनों पक्षों को अपने विभागीय अधिकारियों के समक्ष मामला रखने की सलाह देते हुए प्रकरण समाप्त कर दिया।
एक अन्य मामले में अधिवक्ता महिला की शिकायतों पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई करने तथा तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में कई वैवाहिक विवादों का भी निपटारा हुआ। एक मामले में आयोग ने महिला को पति के दूसरे विवाह को न्यायालय में चुनौती देने, भरण-पोषण की वसूली तथा अन्य कानूनी अधिकारों के उपयोग की सलाह दी। वहीं कुछ मामलों में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने पर प्रकरण समाप्त कर दिए गए।
एक अन्य प्रकरण में समाज स्तर पर समझौते के तहत महिला को एक लाख रुपये दिए जाने की जानकारी दी गई। आयोग ने महिला का सामान सुरक्षित दिलाने के लिए परामर्शदाता की मौजूदगी में कार्रवाई कराने और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग रखने के निर्देश दिए।
जाति प्रमाण और आधार कार्ड से जुड़े एक मामले में आयोग ने संबंधित पक्षों को आवश्यक होने पर विधिक कार्रवाई के लिए स्वतंत्र बताया। वहीं एक अन्य प्रकरण में अनावेदक की मृत्यु हो जाने और दोनों पक्षों द्वारा आगे कार्रवाई नहीं चाहने की जानकारी मिलने पर मामला समाप्त कर दिया गया।
महिला आयोग ने जनसुनवाई के दौरान कई मामलों में संबंधित पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष जांच, आवश्यक कार्रवाई तथा पीड़ित महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
