29 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस की अत्याधुनिक ‘सशक्त’ (Sashakt) मोबाइल एप ने एक बार फिर अपनी प्रभावशीलता साबित करते हुए वाहन चोरी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सरकंडा पुलिस ने दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की 5 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मामले की शुरुआत 14 जून 2026 को हुई, जब मोपका निवासी कमलेश चंद्राकर ने अपनी एक्टिवा स्कूटी (CG 10 BN 1325) चोरी होने की रिपोर्ट थाना सरकंडा में दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल तथा नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य एवं मोपका चौकी प्रभारी ओमप्रकाश कुर्रे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की।
जांच के दौरान संदिग्ध सुजल दर्वे उर्फ रिंकू के पास मिली एक्टिवा स्कूटी को ‘सशक्त’ ऐप में जांचा गया, जहां वह चोरी की निकली। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर सुजल दर्वे उर्फ रिंकू (24) और सुरेंद्र भुनेश्वर (22) को हिरासत में लिया।
कड़ी पूछताछ में दोनों आरोपियों ने न केवल वर्तमान चोरी बल्कि वर्ष 2025 और 2026 के दौरान की गई कई अन्य वाहन चोरियों का भी खुलासा कर दिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 5 चोरी के वाहन बरामद कर जब्त किए।
आरोपियों ने कबूली ये बड़ी चोरियां
जुलाई 2025 में विवेकानंद कॉलोनी से एक्टिवा (CG 10 AF 5290) चोरी कर ₹10 हजार में बेची।
अक्टूबर 2025 में स्प्लेंडर (CG 10 P 0129) चोरी की।
फरवरी 2026 में साईं मंदिर गोड़पारा के पास से एक्टिवा (CG 10 AJ 6340) चोरी कर ₹5 हजार में बेची।
जून 2026 में ठाकुर देव मंदिर मोपका के पास से यामाहा बाइक (CG 10 JL 0783) चोरी कर मात्र ₹2 हजार में बेच दी।
पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी के वाहन बेहद कम कीमत में बेचकर ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे थे। अब चोरी का सामान खरीदने वाले लोगों की भी जांच की जा रही है और उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर पुलिस की सख्त चेतावनी:बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चोरी करने वाला ही नहीं, बल्कि चोरी का माल खरीदने वाला भी समान रूप से अपराधी है। बिना वैध दस्तावेजों के सस्ते दामों में वाहन या अन्य सामान खरीदने वालों के खिलाफ भी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कड़ी कार्रवाई कर सीधे जेल भेजा जाएगा।
सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
