13 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेकर सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों सहित ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं के कारणों, सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के पालन तथा विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर गंभीर चर्चा की गई।

बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध रूप से खड़े ट्रक एवं भारी वाहन दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण हैं। ऐसे वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों और ले-बाय में ही खड़ा किया जाए।
प्रारंभिक चरण में वाहन मालिकों और चालकों को चेतावनी देकर जागरूक किया जाए, लेकिन नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने सड़क किनारे संचालित ढाबों और होटलों के कारण उत्पन्न हो रही अवैध पार्किंग की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे प्रतिष्ठान स्वयं पार्किंग की समुचित व्यवस्था करें। आवश्यकता पड़ने पर निजी भूमि मालिकों की सहमति से पार्किंग विकसित की जा सकती है। साथ ही सड़क किनारे उपलब्ध शासकीय भूमि का सर्वे कर पार्किंग स्थलों का चिन्हांकन करने और वहां मार्गदर्शन हेतु कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों के प्रभावी प्रबंधन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में मवेशियों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसके लिए गोधन आश्रय स्थलों, गौठानों और गोधामों को अभी से तैयार रखा जाए तथा वहां साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पेट्रोलिंग दलों एवं फ्लाइंग स्क्वॉड को नियमित निगरानी करने तथा अवैध रूप से संचालित ढाबों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के सभी निर्देशों का जिले में कड़ाई से पालन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई है, लेकिन अभी भी सुधार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। पिछले छह माह के दौरान जिले में सड़क दुर्घटनाओं में 151 लोगों की मृत्यु हुई है। रतनपुर, तखतपुर और मस्तूरी थाना क्षेत्रों में सर्वाधिक दुर्घटनाएं एवं मौतें दर्ज की गई हैं।
एसएसपी ने थाना-वार दुर्घटनाओं की समीक्षा करते हुए उनके प्रमुख कारणों का विश्लेषण किया और संबंधित विभागों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि नशे की हालत में वाहन चलाना दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनकर सामने आया है। ऐसे मामलों में केवल चालानी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि टोल टैक्स बचाने के उद्देश्य से कुछ भारी वाहन ग्रामीण सड़कों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त होने के साथ दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ रही है। एसएसपी ने ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल, जिले के सभी एसडीएम, एसडीओपी, थाना प्रभारी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, परिवहन, पशु चिकित्सा तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा दुर्घटनामुक्त बिलासपुर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया।
