बिलासपुर: सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का बिलासा देवी केंवट चकरभाठा एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने हेमूनगर में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में शामिल होकर विकास, सुशासन और जनकल्याण की कई महत्वपूर्ण सौगातें जिले को प्रदान कीं। उन्होंने 134 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 24 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी की तथा वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने राज्य की 68.54 लाख महिलाओं के बैंक खातों में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में 642.27 करोड़ रुपये अंतरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब तक 18 हजार 165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है, जिससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।

हेमूनगर शिविर में मुख्यमंत्री ने 80 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की। ट्राईसाइकिल प्राप्त करते ही लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी झलक उठी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक आवास की चाबियां भी सौंपीं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एसईसीएल के सीएसआर मद से बनने वाले 22.65 करोड़ रुपये के 200 सीटर बहुउद्देशीय वृद्धाश्रम भवन तथा 18.76 करोड़ रुपये के 500 सीटर दिव्यांगजन शिक्षण-प्रशिक्षण एवं बहुउद्देशीय पुनर्वास केंद्र का शिलान्यास किया। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में लगभग 4.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का लोकार्पण कर स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने बिलासपुर के मधुबन-जूना क्षेत्र में विकसित हो रहे लगभग 120 करोड़ रुपये लागत के नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के युवाओं को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराएगी और बिलासपुर को एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में नई पहचान दिलाएगी। 13 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस परिसर में डिजिटल लाइब्रेरी, छात्रावास, शैक्षणिक ब्लॉक और अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन, विकास और जनकल्याण उनकी सरकार की पहचान है। सरकार सीधे जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं की समीक्षा कर रही है और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस दौरान उन्होंने बेलतरा महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गीय सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर करने तथा बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में पांच मंगल भवनों के निर्माण की घोषणा भी की।
सुशासन तिहार के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सरकार विकास कार्यों, महिला सशक्तिकरण, दिव्यांग कल्याण, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
