
बिलासपुर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 आरोपी गिरफ्त में; कई राज्यों में दर्ज मिली शिकायतें
बिलासपुर:शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने पर्दाफाश किया है। मामले में पहले चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने गिरोह के एक प्रमुख सदस्य एवं मुख्य संचालकों में शामिल रजत तोमर को भी गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों के तार देश के कई राज्यों में फैले साइबर अपराधों से जुड़े मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, नर्मदा नगर कॉलोनी सिविल लाइन बिलासपुर निवासी एक महिला को शेयर ट्रेडिंग में अधिक लाभ का लालच देकर अलग-अलग तिथियों में कुल 17 लाख 21 हजार 100 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी। शिकायत मिलने के बाद रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन, डिजिटल ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया, जिसके आधार पर गिरोह के सदस्यों की पहचान कर कार्रवाई की गई।
मामले में पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों में समस्तीपुर बिहार निवासी मुकेश कुमार दास, रायगढ़ निवासी केशव साव, सक्ती निवासी संदीप कुमार चंद्रा उर्फ विक्की तथा शिशिर राठौर शामिल हैं। वहीं आगे की विवेचना में भिलाई निवासी रजत तोमर को गिरफ्तार किया गया, जो मूलतः उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का रहने वाला है।
जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी संदीप कुमार चंद्रा के बैंक खाते के विरुद्ध गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में पांच साइबर शिकायतें दर्ज हैं। वहीं मुकेश कुमार दास के तीन बैंक खातों के खिलाफ कुल 13 साइबर शिकायतें दर्ज होना पाया गया है। इन खातों से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की राशि लगभग आठ करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुकेश कुमार दास के खातों में साइबर अपराध से संबंधित लगभग 10 लाख रुपये जमा हुए थे, जिन्हें बाद में विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया गया। साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी केशव साव के खाते में लगभग 99 लाख रुपये तथा शिशिर राठौर के खाते में लगभग एक लाख रुपये होल्ड कराया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रजत तोमर गिरोह में अहम भूमिका निभा रहा था। वह साइबर ठगी नेटवर्क के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने, लोगों को लालच देकर उनसे खाते हासिल करने तथा साइबर अपराध से अर्जित रकम के लेन-देन को व्यवस्थित करने का काम करता था। जांच में यह भी सामने आया कि वह खाताधारकों को दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर ले जाकर उनके खातों का उपयोग साइबर अपराध में करवाता था।
आरोपी के कब्जे से विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी दुर्ग से उत्तर प्रदेश भागने की तैयारी में था, जिसके बाद योजनाबद्ध कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया गया।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपियों के बैंक खातों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में अनेक साइबर शिकायतें दर्ज हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होकर शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग, उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह तथा नगर पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी गगन कुमार के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में निरीक्षक कामिल हक, थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक अरविंद सिंह सहित साइबर टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
