
बिलासपुर। बढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने और आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से तोरवा पुलिस ने क्षेत्र में साइबर जागरूकता अभियान चलाते हुए बीट मीटिंग आयोजित की। साईधाम कॉलोनी, तोरवा क्षेत्र में आयोजित इस बैठक में लोगों को साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी बैंक कॉल और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह के निर्देशानुसार जिले में बीट प्रणाली को मजबूत करने, आमजन से संवाद बढ़ाने और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली श्री गगन कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तोरवा निरीक्षक रजनीश सिंह एवं पुलिस स्टाफ द्वारा 26 मई को साईधाम कॉलोनी में “साइबर पाठशाला” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को बताया कि साइबर अपराधी फर्जी लिंक, व्हाट्सएप कॉल, डिजिटल अरेस्ट, निवेश योजनाओं, फर्जी बैंक अधिकारियों, लॉटरी, केवाईसी अपडेट और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं।
पुलिस ने लोगों को समझाइश देते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी, आरबीआई या अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर डराने वाले कॉल से सतर्क रहें और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे मामलों में घबराने के बजाय जानकारी की पुष्टि करें।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखने, मजबूत पासवर्ड उपयोग करने, अनजान एप डाउनलोड करने और स्क्रीन शेयरिंग एप इंस्टॉल करने से बचने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जाए तथा नजदीकी थाना या साइबर थाना से संपर्क किया जाए।
बीट मीटिंग के दौरान स्थानीय लोगों ने साइबर अपराधों को लेकर अपनी जिज्ञासाएं भी साझा कीं, जिनका पुलिस अधिकारियों ने सरल और व्यवहारिक तरीके से समाधान किया। तोरवा पुलिस ने कहा कि थाना क्षेत्र के विभिन्न बीटों में इस प्रकार के साइबर जागरूकता अभियान और जनसंवाद कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि नागरिक सतर्क रहें और साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बच सकें।
