
पेंड्रा | जीपीएम जिले के कोटमी बाजार में सराफा कारोबारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या और लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात लूट की सनसनीखेज वारदात ने पूरे प्रदेश के व्यापारियों को झकझोर दिया है। घटना के बाद सराफा व्यापारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी आईजी के साथ घटनास्थल पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि खुले बाजार में इस तरह की नृशंस हत्या और लूट की वारदात कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने कहा कि यदि व्यापारी ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो प्रदेश का व्यापारिक माहौल प्रभावित होगा। श्री सोनी ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अपराधियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो भविष्य के लिए नजीर बने।

घटनास्थल निरीक्षण के बाद कमल सोनी मृतक सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी उर्फ पप्पू के घर पहुंचे, जहां उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि पूरा सराफा समाज इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है और हरसंभव सहयोग किया जाएगा।

कमल सोनी ने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को देखते हुए सराफा व्यापारियों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील बाजारों में पुलिस गश्त और सीसीटीवी निगरानी को मजबूत किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

गौरतलब है कि मंगलवार शाम पेंड्रा-मरवाही मुख्य मार्ग स्थित कोटमी साप्ताहिक बाजार में बाइक सवार तीन हथियारबंद नकाबपोश बदमाश अचानक सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी की दुकान पर पहुंचे। बदमाशों ने जेवरातों से भरी पेटी लूटने का प्रयास किया। व्यापारी द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपियों ने बेहद करीब से उनकी छाती में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सोने-चांदी के लाखों रुपये के जेवरों से भरी पेटी लेकर फरार हो गए।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जा सकती है।
