
बिलासपुर:देश की ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही एसईसीएल के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने कंपनी की कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता, डिजिटलीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया। दौरे के दौरान उन्होंने आधारभूत संरचना और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े डिजिटल पोर्टलों का शुभारंभ करने के साथ ही अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का लोकार्पण भी किया।
एसईसीएल मुख्यालय पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री ने परिसर स्थित कोयला श्रमिक स्मारक पर माल्यार्पण कर कोयला श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र निर्माण तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा में उनके योगदान को नमन किया।

इसके बाद आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कोयला उत्पादन, डिस्पैच, गुणवत्ता प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, कोल गैसीफिकेशन, माइन क्लोजर, पर्यावरणीय पहलों, डिजिटलीकरण, सीएसआर गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन सहित वरिष्ठ अधिकारी, विभागाध्यक्ष और मंत्रालय के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक के दौरान मंत्री ने सुरक्षित एवं सतत खनन, परिचालन दक्षता और आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि एसईसीएल देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कंपनी के उत्पादन, गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से कोयलांचल क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है।
एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक कोल इंडिया द्वारा किए गए 100 मिलियन टन उत्पादन में एसईसीएल ने 26.86 मिलियन टन का सर्वाधिक योगदान दिया है, जो कंपनी की मजबूत उत्पादन क्षमता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
डिजिटल बदलाव को मिली नई गति:दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ई-डाडास (डिजाइन एंड ड्रॉइंग्स अप्रूवल इन एसईसीएल) पोर्टल और हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) पोर्टल का शुभारंभ किया। इन पहलों को एसईसीएल में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
ई-डाडास पोर्टल के जरिए एफएमसी, सीएचपी-साइलो, रेलवे साइडिंग और इन-पिट कन्वेयर सिस्टम जैसी परियोजनाओं से जुड़ी इंजीनियरिंग डिजाइनों और ड्रॉइंग्स की ऑनलाइन जांच, परीक्षण और अनुमोदन प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे समयबद्धता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
वहीं, एचएमआईएस पोर्टल एसईसीएल अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण, मरीजों के रिकॉर्ड प्रबंधन और त्वरित चिकित्सा सेवाओं को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाएगा।
इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र को मिली अत्याधुनिक सुविधा:दौरे के दौरान मंत्री ने बिलासपुर स्थित इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का लोकार्पण किया। यह मशीन श्वेत रक्त कोशिकाओं की उन्नत जांच के माध्यम से संक्रमण और विभिन्न बीमारियों की अधिक सटीक पहचान करने में मदद करेगी। स्वचालित तकनीक से लैस यह प्रणाली तेज, सटीक और त्रुटिरहित रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं और प्रयोगशाला परीक्षणों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
लोकार्पण के बाद मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की।
