
बिलासपुर:NSUI ने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और छात्रों के भविष्य को लेकर केंद्र सरकार एवं परीक्षा एजेंसी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
प्रेसवार्ता में नीरज पांडेय तथा जतीन सिंह मौजूद रहे। NSUI नेताओं ने दावा किया कि पिछले वर्षों में कई परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप बेहद गंभीर हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
NSUI नेताओं के अनुसार, NEET परीक्षा से देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक दबाव झेलते हैं और यदि परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठते हैं तो इसका सीधा असर छात्रों और परिवारों पर पड़ता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन ने केंद्र सरकार से मामले में जवाबदेही तय करने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने तथा कथित पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। NSUI ने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी रखी।
संगठन ने मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित करने की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
इस दौरान NSUI ने सात प्रमुख मांगें भी सामने रखीं, जिनमें कथित NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, परीक्षा एजेंसी में सुधार, जवाबदेही तय करना और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग शामिल है। संगठन ने 3 जून 2026 को बिलासपुर में प्रदर्शन करने की घोषणा भी की।
