20 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रायगढ़ विशेष…
रायगढ़:छत्तीसगढ़ में आधुनिक पुलिसिंग और त्वरित आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में रायगढ़ जिले को बड़ी सौगात मिली है। छत्तीसगढ़ डॉयल-112 फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन योजना के तहत जिले को 16 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) प्राप्त हुए हैं। बुधवार को पुराना पुलिस लाइन रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस मौके पर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार सुरक्षा, सुशासन और त्वरित सहायता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। नई डॉयल-112 व्यवस्था से अब आम लोगों को किसी भी आपात स्थिति में तेज, सुरक्षित और प्रभावी सहायता उपलब्ध हो सकेगी।


कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस दौरान महापौर जीवर्धन चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, एडिशनल एसपी अनिल सोनी सहित कई जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉयल-112 योजना पहले राज्य के 16 जिलों में संचालित थी, जिसे अब फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित किया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में 400 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल तैनात किए गए हैं, जिनमें रायगढ़ जिले को 16 वाहन मिले हैं।


इन हाईटेक वाहनों में PTZ कैमरा, डैश कैमरा, GPS, मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) और स्मार्ट मोबाइल फोन जैसी आधुनिक तकनीक लगाई गई है, जिससे घटनास्थल पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। नई व्यवस्था में पुलिस सेवा के साथ मेडिकल, फायर ब्रिगेड, आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन और नेशनल हाईवे सेवाओं को भी एकीकृत किया गया है। इसके संचालन के लिए रायपुर में अत्याधुनिक C4 कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह परियोजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है और इससे पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता पहले से अधिक मजबूत होगी। साथ ही आम जनता को भी सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने आधुनिक डॉयल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आयोजन को सफल बनाने में एडिशनल एसपी अनिल सोनी, डीएसपी उन्नति ठाकुर, डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, आईआर अमित सिंह और डॉयल-112 टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
