20 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:NDPS Act, POCSO Act एवं सेशन ट्रायल के मामलों में आरोपियों के दोषमुक्त होने के प्रमुख कारणों और विवेचना में होने वाली तकनीकी त्रुटियों को दूर करने के उद्देश्य से बिलासपुर रेंज स्तर पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन चेतना हॉल बिलासपुर में किया गया। कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी एवं विवेचक प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।

कार्यक्रम का आयोजन पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि NDPS मामलों में मादक पदार्थों की सैंपलिंग, घटनास्थल से जुड़े दस्तावेज, चैन ऑफ कस्टडी तथा साक्ष्यों के वैज्ञानिक संरक्षण में की गई छोटी चूक भी कोर्ट में केस को कमजोर कर देती है।

आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि विवेचना में प्रिंटेड फार्म के आधार पर औपचारिक कार्रवाई, गवाहों का कोर्ट में मुकरना, समय पर न्यायालय में उपस्थित नहीं होना तथा तकनीकी त्रुटियां दोषमुक्ति के प्रमुख कारण बनते हैं। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं मजबूत साक्ष्य संकलन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।


प्रशिक्षण में नवम जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (NDPS) अगम कुमार कश्यप ने विवेचना के दौरान होने वाली प्रमुख त्रुटियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कार्यवाही का क्रमबद्ध रिकॉर्ड, सत्यापित CDR एवं एनालिटिकल मैप रिपोर्ट जैसे दस्तावेज ट्रायल में अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
कार्यशाला में अभियोजन विभाग एवं विशेष लोक अभियोजकों द्वारा NDPS, POCSO एवं सेशन ट्रायल मामलों में दोषमुक्ति के कारण, विवेचना में कमियां तथा उनके व्यावहारिक समाधान पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही किशोर न्याय बोर्ड से संबंधित मामलों, नवीन कानूनों एवं वैज्ञानिक जांच पद्धतियों पर भी विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए।


उप महाधिवक्ता डॉ. सौरभ कुमार पाण्डेय ने विवेचना के स्तर को बेहतर बनाने, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा मजबूत साक्ष्य संकलन की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को फोटोग्राफी, फोरेंसिक किट, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, साइबर टीम एवं आधुनिक उपकरणों के उपयोग से प्रभावी विवेचना करने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर द्वारा सभी प्रशिक्षकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
