17 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/थाना तारबहार
बिलासपुर:साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तारबाहर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने “म्यूल अकाउंट सिंडिकेट” संचालित करने वाले तीन आरोपियों को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों का उपयोग देशभर में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर और निकालने में किया जा रहा था। इन खातों के खिलाफ 60 से अधिक साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में नवनीत मिश्रा उर्फ विक्की पंडित, ऋषभ साहू और राजा घरानी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी तकनीकी जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार, थाना तारबाहर में दर्ज प्रकरण में पहले आरोपी दीपेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। उसके मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी इनपुट के आधार पर अंबिकापुर निवासी तीनों आरोपियों की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी व्हाट्सएप और मोबाइल माध्यम से विभिन्न लोगों के बैंक खातों की जानकारी साझा कर “म्यूल अकाउंट नेटवर्क” संचालित कर रहे थे। ये खाते कमीशन के बदले साइबर ठगी करने वाले गिरोहों को उपलब्ध कराए जाते थे, ताकि ठगी की रकम आसानी से ट्रांसफर और छिपाई जा सके।
पुलिस का कहना है कि इस तरह के म्यूल अकाउंट सिंडिकेट साइबर अपराधियों के लिए “स्लीपर सेल” की तरह काम करते हैं। इनके जरिए असली साइबर ठगों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है और जांच प्रभावित होती है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की विस्तृत जांच कर रही है। तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
