15 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रायगढ़ विशेष…..
रायगढ़ पुलिस की लगातार सख्त कार्रवाई और “ऑपरेशन अंकुश” के दबाव के बीच ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का मुख्य आरोपी पिंटू हलवाई आखिरकार पुलिस के सामने सरेंडर करने पहुंच गया। लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी गुरुवार को स्वयं एसएसपी कार्यालय पहुंचा और अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जीने की इच्छा जताई।

पुलिस के अनुसार, आरोपी पिंटू हलवाई पिता कन्हैयालाल हलवाई (43 वर्ष), निवासी चांदमारी रायगढ़, ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का मुख्य संचालक था। रायगढ़ पुलिस द्वारा लगातार दबिश, तकनीकी जांच और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद आरोपी पर दबाव बढ़ता गया।
गिरफ्तारी के डर से वह उत्तराखंड भाग गया था और अपना मोबाइल फोन भी नष्ट कर दिया था, लेकिन पुलिस की लगातार कार्रवाई के चलते उसने आखिरकार आत्मसमर्पण कर दिया।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के समक्ष पेश होकर आरोपी ने अपराध से तौबा करने और मुख्यधारा से जुड़ने की बात कही। इस दौरान एसएसपी ने उसे स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में दोबारा सट्टा, जुआ या किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ जिला बदर जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।
इसके बाद आरोपी को थाना कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया। थाना कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 237/2026 एवं 238/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 और 7 में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपनी पत्नी, भतीजे और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क चला रहा था। व्हाट्सऐप कॉलिंग के जरिए ग्राहकों से संपर्क कर यूपीआई माध्यम से पैसों का लेन-देन किया जाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2 हजार रुपये नकद भी जब्त किए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले साइबर और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कई स्थानों पर दबिश देकर सट्टा नेटवर्क से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई में मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, 2.69 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और महंगे मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इन मामलों में पिंटू हलवाई मुख्य आरोपी के रूप में फरार चल रहा था।
