
14 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले “म्यूल अकाउंट सिंडिकेट” के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना तारबाहर पुलिस ने बैंक खातों के बदले कमीशन देकर नेटवर्क तैयार करने वाले युवक को पकड़कर उसके कब्जे से विभिन्न बैंक खातों की जानकारी से भरा मोबाइल जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपेश कुमार गुप्ता (21 वर्ष), निवासी ग्राम सिरसी थाना बसदई जिला सूरजपुर के रूप में हुई है। आरोपी बैंक आने-जाने वाले लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते और बैंकिंग जानकारी हासिल करता था।

जानकारी के मुताबिक 13 मई 2026 को तारबाहर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि स्टेट बैंक व्यापार विहार के आसपास एक युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल और सीएसपी गगन कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई की गई।
पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह लोगों से बैंक खाते लेकर उन्हें अन्य व्यक्तियों तक पहुंचाता था और बदले में नकद कमीशन प्राप्त करता था।
जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कई बैंक खातों और संपर्कों की जानकारी मिली है। पुलिस अब मोबाइल डेटा और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ऐसे म्यूल अकाउंट सिंडिकेट साइबर अपराधियों के लिए “Sleeper Cells” की तरह काम करते हैं। इनके जरिए ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर तुरंत निकाली जाती है, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
बिलासपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग सुविधा उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और संबंधित व्यक्ति को भी साइबर अपराध में सह-अभियुक्त बनाया जा सकता है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक रविन्द्र अनंत, सउनि उदयभान सिंह, आरक्षक राहुल राजपूत, कौशल जांगड़े और महेन्द्र सोनकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
