25 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 10,043 यूनिट रक्त संग्रह कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि न केवल आंकड़ों में बड़ी है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस रक्त से हजारों जरूरतमंद मरीजों को समय पर जीवनरक्षक सहायता मिली।
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद को बिना किसी बाधा के बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि सिकल सेल, थैलेसीमिया और कैंसर जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को बिना डोनर के भी नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है, जो सिम्स की मानवीय सोच को दर्शाता है।
पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी.पी. सिंह ने बताया कि ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया गया है।
आपातकालीन मरीजों को तत्काल रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है
33 रक्तदान शिविरों के माध्यम से बड़ी मात्रा में रक्त संग्रह किया गया
इन्वेंट्री मैनेजमेंट मजबूत होने से रक्त की उपलब्धता आसान हुई
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने स्वैच्छिक रक्तदाताओं और सामाजिक संगठनों का आभार जताया। उन्होंने विशेष रूप से संत निरंकारी मंडल के योगदान को सराहते हुए कहा कि रक्तदान को जनआंदोलन बनाने में इनका महत्वपूर्ण सहयोग रहा है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आगे आकर रक्तदान करें, क्योंकि एक यूनिट रक्त तीन जिंदगियां बचा सकता है।
रक्त संग्रह और उपयोग का आंकड़ा (2025-26)
कुल रक्त संग्रह: 10,043 यूनिट
स्वैच्छिक रक्तदान (इन-हाउस): 3,541 यूनिट
रक्तदान शिविर (33 शिविर): 1,340 यूनिट
रिप्लेसमेंट (परिजनों द्वारा): 5,162 यूनिट
घटकों का उपयोग:
लाल रक्त कणिकाएं: 4,282 यूनिट (एनीमिया व सर्जरी)
प्लाज्मा: 977 यूनिट मरीजों को, 2,260 यूनिट दवा निर्माण हेतु
प्लेटलेट्स: 221 यूनिट (डेंगू व अन्य संक्रमण)
मानवीय पहल: बिना डोनर के नि:शुल्क रक्त
सिम्स ने थैलेसीमिया और सिकल सेल के मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की है, जहां उन्हें बिना रिप्लेसमेंट डोनर के प्राथमिकता से नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा, दुर्लभ (नेगेटिव) ब्लड ग्रुप के लिए विशेष डेटाबेस तैयार किया गया है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
सिम्स प्रबंधन ने आम जनता से अपील की है कि वे नियमित रूप से रक्तदान करें और इस अभियान का हिस्सा बनें, ताकि क्षेत्र में रक्त की कमी से होने वाली मौतों को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
सिम्स बिलासपुर की यह उपलब्धि न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सामूहिक प्रयास और मानवीय सोच से हजारों जिंदगियों को नया जीवन दिया जा सकता है।
