15 अप्रैल 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। सकरी क्षेत्र के आसमा सिटी निवासी व्यवसायी सतीश मिश्रा द्वारा अपने बेटे के बचाव में की गई प्रेसवार्ता के विरोध में बुधवार को मामला तूल पकड़ गया। संबंधित परिजन गुड्डू सिंह और श्रीमती साक्षी जोशी ने प्रेस क्लब, राघवेन्द्र राव सभा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी और गंभीर आरोप लगाए।
परिजनों ने कहा कि उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और उनकी सामाजिक छवि खराब करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने बताया कि 25 फरवरी को थाना सकरी से फोन कर उनके बेटे को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। वहां यह जानकारी दी गई कि सतीश मिश्रा के घर से करीब 85 लाख रुपये के सोने की चोरी हुई है, जिसमें उनके बेटे का नाम सिर्फ दोस्त होने के आधार पर जोड़ा गया।
परिजनों के मुताबिक, पूरे दिन चली पूछताछ में कोई ठोस सबूत नहीं मिलने पर पुलिस ने उनके बेटे को क्लीन चिट देकर छोड़ दिया। इसके बावजूद लगभग एक माह बाद फिर से सतीश मिश्रा के घर बुलाकर उनके बेटे पर पैसों के लिए दबाव बनाया गया, गाली-गलौज की गई और मारपीट की धमकी दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। इसके बाद पुनः थाना बुलाकर उनके बेटे पर 1 लाख 85 हजार रुपये एटीएम से निकालने का आरोप लगाया गया, जबकि न तो कोई ठोस प्रमाण पेश किया गया और न ही इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई।
परिजनों का कहना है कि उन्हें कई दिनों तक थाने में बैठाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। साथ ही रात में अज्ञात नंबरों से फोन कर समझौते का दबाव बनाया गया, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी आरोप लगाया गया कि पूछताछ के दौरान सतीश मिश्रा ने अपने ही बेटे के साथ थाने में मारपीट की, जिसे रोकने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, एक वीडियो जारी कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश भी की गई, जिसे उन्होंने निंदनीय बताया।
अंत में गुड्डू सिंह और श्रीमती साक्षी जोशी ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और उनके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
